कपकोट के लीती ग्राम पंचायत के हवेलियाभैड़ी के लोगों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। इस गांव के लोगों को सड़क तक आने के लिए 6 किलोमीटर की चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ती है। गांव के लोगों को सड़क तक खाली गैस सिलिंडर पहुंचाने और भरा सिलिंडर गांव तक लाने के लिए 500 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं।
गांव का व्यक्ति बीमार हो जाए, तो उसे अस्पताल ले जाने ले लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है। असहाय लोगों के आवागमन का साधन भी डोली ही बना हुआ है। बृहस्पतिवार को हवेलियांभैड़ी निवासी दिव्यांग कुंवर सिंह पीठ पर रसोई गैस का सिलिंडर लादकर लीती आने के लिए चढ़ाई चढ़ रहे थे। उन्होंने बताया कि गांव से लीती खाली सिलिंडर ले जाने और भरा सिलिंडर गांव पहुंचाने में पांच सौ रुपया भाड़ा लगता है। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह भाड़ा चुका पाएं, इस कारण वह खुद ही रसोई गैस सिलिंडर भराने के लिए लीती ले जा रहे हैं। बताया कि गांव तक सीमेंट का कट्टा पहुंचाना हो, या अन्य सामान पांच सौ रुपया भाड़ा देना पड़ता है।
हवेलियांभैड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता दान सिंह कोरंगा बताते हैं कि गांव के लिए आठ किलोमीटर लंबी सड़क कई वर्षों से प्रस्तावित है। प्रस्तावित सड़क को पिथौरागढ़ जिले के होकरा से लिंक किया जाना था, लेकिन सरकार और जनप्रतिनिधियों ने सड़क बनाने की जहमत नहीं उठाई। सड़क न बनने से गांव से लगातार पलायन हो रहा है। संवाद