बागेश्वर। नगर की सड़कों के संकरा होने और लोगों के सड़क किनारे वाहन पार्क करने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। नगर की अधिकांश सड़कें 4.5 किमी है। कार के पार्क होने पर सड़क की चौड़ाई दो मीटर से कम रह जाती है। इससे बार-बार जाम की समस्या पैदा हो जाती है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े बे-तरतीब वाहनों के हटने के बाद ही जाम की समस्या से निजात मिल पाएगी।
बिलौना से भागीरथी तक एनएच के अधीन वाली सड़क की चौड़ाई किसी स्थान पर 4.5 मीटर, किसी स्थान पर 3.5 और तहसील रोड में किसी-किसी स्थान पर सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर भी है। जिन स्थानों पर सड़क चौड़ी है वहां सड़क किनारे वाहन पार्क होने से जाम की समस्या पैदा नहीं होती, लेकिन जिन स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम है वहां पर वाहन पार्क होने से जाम की समस्या बनी रहती है।
बागेश्वर नगर होते हुए गरुड़ को जाने वाली सड़क की चौड़ाई भी अलग-अलग स्थानों पर अलग- अलग है। ये सड़क कहीं पर 5.0 मीटर चौड़ी है तो कई स्थानों पर 3.5 मीटर चौड़ी है। इसलिए सड़क में आए दिन जाम लगा रहता है इसका भी मुख्य कारण सड़कों के किनारे खड़े वाहन हैं। नगर से कपकोट को जाने वाली सड़क की भी ये ही स्थिति है। इस सड़क की भी चौड़ाई कम होने से आए दिन जाम लगा रहता है।
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पार्किंग बन जाती तो लोगों को मिलती राहत
बागेश्वर। बागेश्वर। नगर के गरुड़ रोड में निर्माणाधीन पार्किंग का कार्य पांच साल से बजट के अभाव में लटका हुआ है। पार्किंग नहीं होने से लोगों को वाहन सड़क किनारे पार्क करने को मजबूर हैं। इससे नगर में जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। नगर में बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2020 में शासन ने गरुड़ रोड में 60 वाहनों की क्षमता वाले दो मंजिला पार्किंग निर्माण के लिए 2.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। पहली किश्त के रूप में 50 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई। लेकिन वर्तमान में बजट नहीं होने से पार्किंग का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। संवाद
इनसेट कोट-
पुलिस नो पार्किंग जोने में खड़े वाहनों का लगातार चालान कर रही है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - चंद्रखेशर घोड़के, एसपी बागेश्वर।
इनसेट कोट-
सड़क की चौड़ाई अलग- अलग स्थानों पर अलग - अलग है। बाजार आदि क्षेत्रों कई स्थानों पर चौड़ाई कम है, इस कारण जाम लगता है।
- पीपी गोस्वामी, ईई एनएच बागेश्वर।