यह है परेशानी-
दरणा गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तो उसे प्राथमिक इलाज के लिए सीएचसी बैजनाथ तक डोली में लाने के लिए गांव में युवा नहीं मिलते हैं। ग्रामीणों को सड़क से सामान लाने में परेशानी होती है। शादी-ब्याह में यह परेशानी और बढ़ जाती है।
लोगों की पीड़ा- दरणा गांव को मार्ग से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग है। गांव में मार्ग की सुविधा नहीं होने से गांव से 43 परिवार पलायन कर चुके हैं। लोकसभा चुनाव से पूर्व मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
-मुन्नी देवी, ग्राम प्रधान दरणा कोलतुलारी गरुड़
पूर्व विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी ने चुनाव संपन्न होने के बाद गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया था। तब ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय वापस लिया था।
- राजेंद्र सिंह किरमोलिया, सामाजिक कार्यकर्ता
इस जीवनकाल में गांव को सड़क से जुड़ना देखना चाहते है। सड़क नहीं होने से गांव के लोग पलायन कर रहे है। गांव सड़क से नहीं जुड़ा तो गांव के अन्य लोग भी पलायन करने को मजबूर होंगे।
-दीवान सिंह किरमोलिया, वरिष्ठ नागरिक, दरणा कोलतुलारी
दरणा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए विधायक पार्वती दास, सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष बंसती देव से प्रयास करने की अपील करता हूं। गरुड़ के 95 फीसदी गांव मोटर मार्ग से जुड़ गए हैं। इस गांव को भी लाभ मिलना चाहिए। - घनश्याम जोशी।