बागेश्वर। बेमौसमी बारिश ने जिले में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि से सब्जियां भी बर्बाद हुई हैं। लगातार बारिश से गेहूं की फसल के काला पड़ने की आशंका भी बढ़ रही है।
जिले के बागेश्वर, कांडा, कपकोट, गरुड़, काफलीगैर और दुगनाकुरी तहसीलों में करीब 16 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल होती है। गरुड़ क्षेत्र में गेहूं की सर्वाधिक पैदावार होती है। इन दिनों घाटी वाले क्षेत्रों में गेहूं की फसल की कटाई और मढ़ाई का काम शुरू हो गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में फसल तैयार हो रही है। ऐसे में बारिश होने से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर काटी गई फसल भीगकर खराब हो गई तो कहीं खेतों में तैयार हो रही गेहूं की बालियों को नुकसान हुआ है। तेज हवाओं से भी गेहूं पेड़ खेतों में गिर गए हैं। जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए किसान मायूस हैं।
फलों के लिए लाभदायक है बारिश
बागेश्वर। एक ओर जहां बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुुआ है, वहीं बारिश फलों के लिए लाभकारी है। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के वैज्ञानिक डॉ. कमल पांडेय बताते हैं कि इस मौसम में अधिक बारिश से गेहूं की बालियां काली पड़ने का डर रहता है। ऐसे में गेहूं की पूरी फसल खराब हो सकती है। हालांकि बारिश आम और अन्य फलों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि हल्की बारिश से सब्जियों को भी नुकसान नहीं होगा, लेकिन ओलावृष्टि और हिमपात से सब्जियों और फलों को भी नुकसान होगा।
बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश क्षेत्रीय कृषि अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए हैं। जल्द ही नुकसान का पूरा आंकड़ा मिल जाएगा। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना का लाभ लिया है, उन्हें कंपनी की ओर से नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। - वीपी मौर्य, मुख्य कृषि अधिकारी, बागेश्वर
तीन दिन की बारिश के बाद खुला मौसम, निकली चटक धूप
बागेश्वर। जिले में तीन दिन की बारिश के बाद मौसम खुला, जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में चटक धूप निकली। मौसम साफ होने के बाद तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को अचानक पड़ रही ठंड से राहत मिली है।
बागेश्वर में बुधवार से हल्की बारिश हो रही थी। बृहस्पतिवार के बाद बारिश में इजाफा हुआ। शुक्रवार को भी पूरे दिन और रात बारिश होती रही। लगातार बारिश से अप्रैल के महीने में लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार की सुबह तक बारिश होने के बाद मौसम ने करवट बदली और धूप निकल आई। धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। इधर लगातार बारिश के चलते शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 12 डिग्री पहुंच गया था। शनिवार को मौसम साफ होने के बाद तापमान हल्की बढ़ोत्तरी के साथ अधिकतम 25 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।
कपकोट में हुई सर्वाधिक बारिश
बागेश्वर। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह तक कपकोट में सबसे अधिक 20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बागेश्वर ब्लॉक में 15 मिमी और गरुड़ में 19.50 मिमी बारिश हुई।
अल्मोड़ा में लगातार चौथे दिन हुई बारिश, ठंड बरकरार
अल्मोड़ा। नगर में शनिवार को भी बारिश हुई। बारिश होते हुए यह लगातार चौथा दिन है। लगातार हो रही बारिश के चलते ठंड बढ़ गई है और लोगों को अलाव, हीटर जैसे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
शनिवार को भी मध्यरात्रि में रुक-रुक कर बारिश होती रही। शनिवार सुबह मौसम साफ हो गया और धूप भी निकल आई लेकिन दोपहर बाद फिर से मौसम का मिजाज बदल गया। दिन में तीन बजे बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। इस दौरान ठंड काफी बढ़ गई। लोगों को ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का सहारा लेना पड़ गया। विभागीय जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा में 24 घंटे के दौरान 12 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इधर भतरौंजखान में बारिश और ओलावृष्टि से नगर और इसके आसपास ठंड बढ़ गई। बारिश से एक ओर जहां मौसम सुहावना हो गया वहीं किसानों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है। भतरौंजखान, जागेश्वर, लमगड़ा आदि इलाकों में ओलावृष्टि से आम, नींबू और संतरों के पौधों को नुकसान हुआ है। इनमें आया हुआ बौर ओलों के कारण नष्ट हो गया जिससे किसानों में निराशा छाई हुई है। कुछ समय बाद यह बौर फल बनकर तैयार हो जाता पर उससे पहले ही ओलों ने इसे बर्बाद कर दिया।