बागेश्वर में ठगी के आरोपियों को न्यायालय में पेश करने ले जाती पुलिस। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। पुलिस और एसओजी की टीम ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले दो लोगों को गोवा से गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने कौसानी के चार लोगों से विदेश भेजने के नाम पर 2.55 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपियों में एक महिला है।
एसपी अमित श्रीवास्तव ने शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 12 अक्तूबर 2021 को डॉ. कुलदीप नौटियाल निवासी 135 डमता कंडी पुरौला उत्तरकाशी हाल निवासी अनामय आश्रम कौसानी ने गोवा निवासी दो नामजद के खिलाफ कौसानी थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि इन आरोपियों ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.55 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने आईपीसी की धारा 420/120 बी के तहत केस दर्ज किया था। बताया कि दोनों आरोपी तब कौसानी के अनामय आश्रम में रहे थे। इन लोगों ने कुछ विदेशी सैलानियों से भी वीजा बनाने के नाम पर ठगी की थी।
एसपी ने बताया कि वर्ष 2021 में भी पुलिस टीम आरोपियों की धरपकड़ के लिए गोवा गई थी लेकिन आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। एक बार फिर पुलिस टीम गोवा भेजी गई। संयुक्त टीम ने दो दिन पहले नामजद आरोपी राकेश पी वर्मा उर्फ राकेश वर्मा निवासी गोवा और जूनियर हाईस्कूल सारस्वत कालोनी दोर्नी बिवली पूर्व कल्याण थाणे हाल निवासी बड़देज गोवा निवासी महिला संजना को गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अल्मोड़ा जेल भेज दिया है। बताया कि आरोपी राकेश पी वर्मा के विरुद्ध जिला नॉर्थ गोवा के परनेम थाने में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है।
कौसानी थानाध्यक्ष, एसओजी और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका
बागेश्वर। मामले के खुलासे में कौसानी के थानाध्यक्ष जीवन सिंह चुफाल, एसओजी और साइबर सेल की अहम भूमिका रही। एसपी ने बताया कि आरोपी शातिर किस्म के होने के कारण लगातार ठिकाना बदल रहे थे। अपना मोबाइल फोन सस्ते दामों में बेच दिया करते थे और नया फोन खरीद लेते थे। मामले के खुलासे के लिए कौसानी के थानाध्यक्ष जीवन सिंह चुफाल को विवेचना सौंपी गई थी।