नितेंद्र रावत की मैराथन देखने अणां गांव के बच्चें और समूचे इलाके के लोग अन्य काम छोड़कर ठीक छह बजे टीवी के सामने दिल थाम कर बैठ गए। इस मैराथन को देखने के लिए गरुड़ बाजार के अधिकांश व्यापारियों की निगाहें भी टीवी पर लगीं रही लेकिन मैराथन के बाद लोगों को मायूसी हाथ लगी।
नितेंद्र की मैराथन के लेकर उनके पैतृक गांव के लोगों में काफी उत्साह था। गांव के लोगों ने मंदिर में पूजा अर्चना कर उसकी सफलता के लिए गांव के हरज्यू, काली, गोलू देवता, दाडू, कार्तिकेश्वर आदि मंदिरों में पूजा अर्चन कर दुआ मांगी। कार्तिकेश्वर मंदिर के भीष्म गिरी महाराज ने शिव धाम में दुआ मांगी। नितेंद्र के चाचा-राम सिंह रावत, ताऊ- भूपाल सिंह रावत , लक्ष्मण सिंह रावत, पूरन सिंह रावत, दौलत सिंह किरमोलिया, ग्राम प्रधान मीना देवी, सुंदर सिंह बिष्ट आदि ने दुआ मांगी। गांव के बच्चों को युवा सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर सिंह रावत ने अपने घर पर बुलाकर टीवी दिखाई। बच्चों ने मैराथन शुरू होते ही आतिशबाजी की।
इधर भाजपा कार्यकताओं ने भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शिव सिंह बिष्ट के नेतृत्व में स्थानीय गोलू मंदिर में नितेंद्र की सफलता के लिए दुआ मांगी। वहां नितेंद्र पिता हीरा सिंह रावत, मंगल राणा, भुवन जोशी, दिनेश गोस्वामी, हरीश सिंधी, घनश्याम जोशी आदि थे।
विधायकों ने देखी मैराथन
विधायक चंदन दास ने देहरादून में अपने आवास पर मैराथन देखी। उन्होंने नितेंद्र की सफलता के लिए भगवान से दुआ मांगी। कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने भी कपकोट में टीवी पर मैराथन देखी।
घर के बाहर हुई आतिशबाजी
नितेंद्र रावत के पिता हीरा सिंह रावत और मां रमा रावत ने अपने टानीखेत स्थिति घर पर मैराथन देखी। नितेंद्र की सफलता के लिए वह बार-बार अपने ईष्ट देव और कोट भ्रामरी देवी से दुआ कर रहे थे। जबकि उसकी मंगेतर दीप्ति खड़ाई, सास और ससुर ने अपने सिटोली स्थित घर पर मैराथन देखी। नितेंद्र की सफलता के लिए लोगों ने उसके पिता को दिन भर गुड लक कह कर बधाई दी। शाम छह बजते ही पड़ोसियों ने घर के बाहर जमकर आतिशबाजी की।
सुचारु रही विद्युत आपूर्ति
सीएम हरीश रावत के निर्देश पर समूचे जिले में बिजली की कतई कटौती नही हुई। बिजली कटौती न करने के लिए जिले के उपभोक्ताओं ने सीएम का आभार जताया।