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डीएलएड प्रशिक्षुओं ने नाटक मंचन से कुली बेगार आंदोलन को किया जीवंत

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बागेश्वर के डायट में थियेटर इन एजुकेशन कार्यशाला के समापन पर कुली बेगार आंदोलन पर नाटक पेश करते ड - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सभागार में पांच दिनी थियेटर इन एजुकेशन कार्यशाला संपन्न हो गई है। समापन दिवस पर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कुली बेगार आंदोलन पर आधारित नाटक का मंचन किया। मशहूर रंगकर्मी जहूर आलम के निर्देशन में प्रशिक्षुओं ने उम्दा अभिनय करते हुए 100 साल पहले हुई कुली बेगार आंदोलन की यादों को जीवंत कर दिया। प्रशिक्षण देने आए नैनीताल के रंगकर्मियों ने भी अभिनय कर रहे प्रशिक्षुओं की सराहना कर हौसला बढ़ाया।
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समापन दिवस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रेम मावड़ी ने कहा कि पांच दिनों के दौरान डीएलएड प्रशिक्षुओं ने थियेटर और नाटक के माध्यम से शिक्षा की बेहतरी के लिए किए जाने वाले नवाचारों की जानकारी हासिल की। इस दौरान उन्हें कुली बेगार के महत्व को बताते हुए नाटक मंचन की तैयारी भी कराई गई। उन्होंने कहा कि कुली बेगार आंदोलन की शताब्दी पर इस आंदोलन का महत्व बढ़ जाता है।
शुभारंभ के बाद डीएलएड प्रशिक्षु अंकित कांडपाल ने नाटक के सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए आजादी के इस प्रमुख आंदोलन के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षु अमित रावत ने नाटक में पंडित बद्रीदत्त पांडेय का किरदार निभाया। अन्य कलाकारों में सूर्य प्रताप रावत, कमलेश, दीपा, रीतिका, प्रतीक्षा, संदीप आदि ने भी अपने अभिनय से नाटक में चार चांद लगाए। नाटक के दौरान झन दिया झन दिया कुली बेगारा... गाने की भी प्रस्तुति दी गई। नाटक का संचालन राज्य गीत लेखक हेमंत बिष्ट ने किया।
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डायट के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र धपोला ने कार्यशाला को सफल बताया। वहां पर नवीन बेगाना, मनोज कुमार, संजय कुमार, गोपाल बोरा, पंकज पांडेय, वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा, मोहन जोशी, हरिमोहन ऐठानी आदि थे।
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