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दाबू के ग्रामीणों ने पहली बार देखा डीएम

Fri, 23 Dec 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
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डीएम - फोटो : amar ujala
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 आजादी के बाद पहली बार सिमगढ़ी  (दाबू ) के ग्रामीणों ने गांव में डीएम को देखा। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने गांव की चौपाल में बैठकर जन समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने मनरेगा के तहत रोजगार न मिलने की शिकायत की। 
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हिमालयी क्षेत्र से जुड़ा दाबू गांव 2000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर है। गांव में शत प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग है। डीएम मंगेश घिल्डियाल पहले डीएम है जो 15 किमी. पैदल चलकर दाबू पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक दृष्टि से दाबू गांव बेहद सुंदर है। डीएम ने गांव की चौपाल में बैठकर जन समस्याएं सुनी। ग्रामीणों ने कहा कि मनरेगा के तहत उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों की आर्थिक सिथति दयनीय है। डीएम ने बीडीओ से गांव के निर्माण कार्य मनरेगा से कराने को कहा। आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं को टीके न लगने, स्कूलों में मोटा चावल बनने की शिकायत को गंभीरता से लिया। प्राथमिक विद्यालय सिमगढ़ी में सर्व शिक्षा अभियान के तहत छह साल पूर्व निर्मित अतिरिक्त कक्ष का मानक के तहत काम न होने और भवन हस्तांतरण न होने पर नाराजगी जाहिर की। भवन की जांच के लिए तीन अधिकारियों की एक कमेटी मौके पर गठित की। सिमगढ़ी गांव को जोड़ने वाले खड़ंजे की गुणवत्ता घटिया पायी। ग्राम पंचायत मंत्री से खड़ंजे का निर्माण दोबारा कराने को कहा। ग्राम प्रधान सिमगढ़ी ने कहा कि पहली बार दाबू गांव  के ग्रामीणों ने गांव में डीएम देखा। जखेड़ा के प्रधान ईश्वर परिहार ने डीएम को बताया कि लाहुरघाटी संचार सेवा अक्सर अस्त व्यस्त रहती है। डीएम ने बीएसएनएल के उच्चाधिकरियों से संचार व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने को कहा। भ्रमण में बीडीओ गोविंद सिंह बोरा, बीआरसी समन्वयक उमेश जोशी आदि अधिकारी थे।
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