राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार और राज्य समन्वयक पीपुल्स ऐसोसिएशन ऑफ हिल एरिया लांचर्स पहल की ओर से राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के इस वर्ष के मुख्य विषय संधारणीय विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक अभिमुखीकरण कार्यशाला हुई।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. एससी पंत थे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग मनुष्य और जीव जंतुओं के उपयोग में होना चाहिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी सभागार में पीजी कालेज के प्राचार्य डा. पंत ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि विज्ञान और तकनीकी का इस तरह से विवेकपूर्ण उपयोग हो कि प्राकृतिक संसाधनों का न केवल सीमित दोहन हो किंतु वह मनुष्य और सभी जीव जंतुओं के उपयोग के लिए उपलब्ध हों और सभी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भी रहे।
सीईओ आरसी आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस से समझ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न होता है। शत-प्रतिशत विद्यालयों को ब्लाक स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने को कहा। जिला समंन्वयक प्रमोद कुमार तेवाड़ी ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी।
राज्य संदर्भ शिक्षक कैलाश चंदोला, प्रवक्ता बीडी पांडे ने मुख्य विषय के सात उप विषयों पर संभावित परियोजनाओं की जानकारी दी। ब्लाक समन्वयक बागेश्वर मोहन सिंह धामी, कपकोट संदीप जोशी और आयोजन समिति के सदस्य प्रदीप जोशी ने विचार रखे। कार्यशाला का संचालन प्रवक्ता दीप चंद्र जोशी ने किया। वहां जिला अकादमिक समंवयक पीजी कालेज के गणित विभागाध्यक्ष डा.एसएस धपोला, डा. राजीव जोशी, लक्ष्मी अंडोला, नीतू रावत, दीपक गोस्वामी, प्रताप डसीला, जितेंद्र जोशी, संदीप शर्मा, महेश पंत, सीपी मिश्रा, विनीता असवाल, भुवन चंद्र, मुकेश कुमार, पुष्पा और यशवंत धपोला आदि थे।