बागेश्वर के टीवी शोरूम में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण देखते लोग।
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बागेश्वर। कुमाऊं मंडल के लोगों को आम बजट में टनकपुर-बागेश्वर रेलमार्ग निर्माण की घोषणा होने की उम्मीद थी लेकिन इस मांग की अनदेखी से लोगों का पारा चढ़ गया है। उन्होंने केंद्र, राज्य सरकार समेत सभी जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया है। कहा कि पहले इस मांग को लेकर सिर्फ एक जिले के लोग आंदोलित थे लेकिन अब समूचे कुमाऊं मंडल में जनसंपर्क अभियान चलाकर मांग पूरी करवाने का संकल्प दोहराया है। इसके तहत आगामी चुनावों में सत्तासीन भाजपा को सबक सिखाने की भी बात कही गई।
कोट
इस बार तो बजट में बागेश्वर-टनकपुर रेलमार्ग का नाम तक नहीं आया। वर्ष 1882 में प्रस्तावित 1912, 1980, 2006, 2008 में सर्वे के बावजूद इस बारे में कुछ नहीं हुआ। - नीमा दफौटी, अध्यक्ष, टनकपुर-बागेश्वर रेलमार्ग निर्माण संघर्ष समिति
- केंद्र सरकार की नीतियां ठीक नहीं हैं। कुमाऊं मंडल के चारों पर्वतीय जिलों के लोगों को बजट से रेलमार्ग की उम्मीद थी। कुमाऊंभर की जनता को एकजुट कर संघर्ष किया जाएगा। - खड़क राम आर्य, सचिव, टनकपुर-बागेश्वर रेलमार्ग निर्माण संघर्ष समिति