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लॉकडाउन से फीकी न पड़ जाए हालैंड के फूलों की महक

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बागेश्वर के लीती में लीलियम के फूलों की खेती करते चंदन सिंह कोरंगा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : AMAR UJALA
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बागेश्वर। जिले के दानपुरक्षेत्र के लीती, शामा, सिरी गांव हालैंड के फूल लीलियम से लहलहा रहे हैं। फूलों से बेहतर आय की उम्मीद थी लेकिन लॉकडाउन के कारण लीलियम के फूलों की महक फीकी न पड़ जाए, यह डर फूल उत्पादकों को सता रहा है। बीती फरवरी में दानपुर क्षेत्र के लीती, शामा और सिरी में जलागम परियोजना की मदद से काश्तकारों ने लीलियम के 40 हजार फूलों के बल्ब लगाए। लीती में गजेंद्र कोरंगा, धना देवी, शामा में राजेंद्र सिंह कोरंगा, जमुना देवी, सीता देवी, नरेंद्र सिंह, हीरा सिंह और सीरी में प्रवीन सिंह लीलियम के फूलों की खेती कर रहे हैं। लीलियम से अच्छी आय होने की उम्मीद को देखते हुए इन लोगों ने पॉलीहाउस में सब्जियों के स्थान पर लीलियम के पौधे लगाए हैं। काश्तकारों के अनुसार लीलियम खिलने के बाद फूल की एक स्टिक 70 रुपये में बिकती है। इस हिसाब से फूल उत्पादकों को पहले ही प्रयास में करीब 28 लाख रुपये की आय होने की उम्मीद थी। फूल उत्पादकों का कहना था कि लीलियम की खेती को रोजगार बनाने की मंशा से वह लोग इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। फूल लगभग तैयार हैं। दिल्ली में इसका बड़ा बाजार है। हल्द्वानी भी फूलों की सप्लाई होती है लेकिन कोरोना महामारी के चलते लीलियम के फूलों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। यह लोग उद्यान विभाग से फूलों की बिक्री के लिए मदद मांग रहे हैं। ---:: "लीलियम के फूलों के विपणन में लॉकडाउन बाधा बन रहा है। फूलों को लोकल मार्केट के अलावा बाहर भेजना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि बाहर भी मार्केट बंद हैं। फूलों की सर्वे करने के बाद रिपोर्ट हॉर्टीकल्चर डायरेक्टर को भेज दी गई है। सरकार के निर्देश के बाद विपणन की व्यवस्था की जाएगी।" -आरके सिंह,;जिला उद्यान अधिकारी बागेश्वर
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बागेश्वर के शामा में खिले लीलियम के फूल। - फोटो : AMAR UJALA
बागेश्वर के शामा में खिले लीलियम के फूल।
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