बागेश्वर। काेराेना संक्रमण के दौर में जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सैय्यद अहमद अब्बास और डॉ. मोहम्मद तय्यब रमजान के पाक महीने में 15 घंटे तक रोजे रखने के साथ ही दिलोजान से मरीजों के इलाज में तल्लीन हैं। काम के प्रति उनकी निष्ठा देख स्टाफ भी उनकी प्रशंसा कर रहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सैय्यद अहमद अब्बास कहते हैं कि मरीजों का इलाज करना हर डॉक्टर का नैतिक फर्ज है। कहते हैं राेजे रखना जिंदगी का हिस्सा है। उसके साथ ही अपने काम के प्रति समर्पण भी जरूरी है। काेराेना महामारी से लाेगाें काे बचाना है। डॉक्टर अब्बास बागेश्वर में किराए के मकान में रहते हैं। उनका परिवार रुद्रपुर में रहता है। फिजिशियन हाेने के नाते आेपीडी, इमरजेंसी देखने के साथ ही वह आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती राेगियाें की काेराेना जांच के लिए ब्लड की सैंपलिंग भी कराते हैं। उनका कहना है कि काेराेना से बचने के लिए साेशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग करें। जिला अस्पताल के डॉ. मोहम्मद तय्यब लॉकडाउन से लगातार जिला अस्पताल में राेगियाें के इलाज में लगे हैं। इमरजेंसी कक्ष में वह रात की ड्यूटी भी करते हैं। डॉ. तय्यब 15 घंटे राेजा रखने के साथ ही अपने काम के प्रति समर्पित है। उनका कहना है कि काेराेना से बचने के लिए लाेग सरकार की गाइडलाइन का पालन करें। मास्क व सैनिटाइजर के इस्तेमाल के साथ ही दाे गज की दूरी का पालन भी करें।
डाक्टर मोहम्मद तय्यब।
- फोटो : AMAR UJALA
डाक्टर मोहम्मद तय्यब।