बागेश्वर के मि खिलाखलपट्टा में क्षतिग्रस्त पुल। फाइल फोटो
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बागेश्वर। मिखिलाखलपट्टा गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल बीते आठ जुलाई को पतियासार-झूनी-खलझूनी निर्माणाधीन सड़क से बोल्डर गिरने से ध्वस्त हो गया था। पुल ध्वस्त होने से मिखिलाखलपट्टा की पांच की आबादी बेहद परेशानी में है। ध्वस्त हुआ पैदल पुल लोनिवि के अधीन था। निर्माणाधीन सड़क वॉप्कोस कंपनी की है।
पुल ध्वस्त होने से आवागमन बाधित हो गया है। सड़क कटिंग के कारण लगातार पत्थर, बोल्डर गिर रहे हैं। पूर्व प्रधान सूप सिंह, वन पंचायत सरपंच उछप सिंह, राजेंद्र सिंह का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क का मलबा नदी में डाल दिया जा रहा है। ध्वस्त पुल के स्थान पर नए पुल का निर्माण न होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गांव में राशन ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वॉप्कोस कंपनी ने पुल का निर्माण करने की बात कही थी। लोनिवि और वैपकॉश के बीच इसके लिए सहमति बनी थी। वॉप्कोस के ईई विशन लाल का कहना है कि पतियासार-झूनी-खलझूनी के लिए बन रही सड़क का कुछ हिस्सा भद्रतुंगा में और कटना है। कठोर चट्टान वाला हिस्सा है। पुल का एक हिस्सा गिरा है। क्षतिग्रस्त पुल सही हालत में है। उसी पुल को खोलकर सितंबर माह में जोड़ दिया जाएगा।