गरुड़(बागेश्वर)। बागेश्वर और चमोली जिले के लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए बनाए गए सीएचसी बैजनाथ की करीब डेढ़ लाख की आबादी इलाज के लिए बाल रोग विशेषज्ञ पर निर्भर है। लोग लंबे समय से चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं इसके बाद भी नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यहां अल्ट्रासाउंड भी व्यवस्था के जरिये हो रहे हैं।
सीएचसी बैजनाथ में चिकित्सक नहीं होने से लोगों को उपचार के लिए 24 किमी दूर जिला अस्पताल बागेश्वर की दौड़ लगानी पड़ रही है। यहां लंबे समय से तैनात बच्चों के डॉ. अमित बंसल को दिखाना लोगों की मजबूरी बन गई है। यहां तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का पद भी लंबे समय से प्रभारी के भरोसे चल रहा है।
स्थानीय निवासी हिमांशु खाती और कैलाश जोशी का कहना है कि यहां चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए वह कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं। इसके बाद भी यहां चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने यहां शीघ्र चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग की है।
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सप्ताह में तीन ही दिन होते हैं अल्ट्रासाउंड
गरुड़(बागेश्वर)। सीएचसी बैजनाथ में तैनात रेडियोलॉजिस्ट को तीन दिन सीएचासी कपकोट और तीन सीएचसी बैजनाथ में अल्ट्रासाउंड करता है। ऐसे में गर्भवतियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां तैनात सर्जन भी सप्ताह में तीन दिन यहां और तीन दिन जिला अस्पताल में सेवाएं देते हैं। लोगों ने सरकार से शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग की है। संवाद
इनसेट कोट -
जिले में चिकित्सकों की कमी को लेकर लगातार निदेशालय को पत्र भेजा जा रहा है। जैसे ही चिकित्सक मिलेंगे नियुक्ति कर दी जाएगी।
- डॉ. कुमार आदित्य कुमार तिवारी, सीएमओ बागेश्वर।