टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने की ठान ली है। समिति ने 31 मई की सुबह 11 बजे भराड़ी और अपराह्न दो बजे कपकोट बाजार में क्षेत्र के लोगों की बैठक बुलाई है।
संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी और महासचिव खड़क राम आर्या ने क्षेत्र के लोगों से बैठकों में बढ़चढ़कर शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा ब्रिटिश शासनकाल में बागेश्वर को टनकपुर रेल लाइन से जोड़ने के लिए सर्वे हुई थी।
आंदोलन के बल पर यूपीए सरकार ने अपने शासनकाल में इस बहुआयामी मांग को राष्ट्रीय योजना में शामिल किया लेकिन बजट की कोई व्यवस्था नहीं की। राज्य से पांचों सांसद भाजपा के होने के बावजूद केंद्र की मोदी सरकार इस पुरातन मांग पर चुप बैठी हुई।
आंदोलन तेज किए बगैर अब दूसरा रास्ता भी नहीं बचा है। उन्होंने कहा बगैर रेल लाइन बने क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से बैठकों में बढ़चढ़कर मौजूद रहने की अपील की है।