बागेश्वर। कपकोट के चचई गांव में एक बार फिर गलघोंटू के मामले सामने आए हैं। रोग से पीड़ित एक ही परिवार के दो बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। चचई समेत कई गांवों में बीते जुलाई माह से गलघोंटू रोग ने दस्तक दे रखी है। जिले में अब तक गलघोंटू से आठ मौतें हो चुकी हैं।
चचई गांव बलवंत कुमार के पुत्र किशोर (16) और उनके भाई मोहन राम की पुत्री दया (15) में गलघोंटू (डिप्थीरिया) के लक्षण पाए गए हैं। जिला चिकित्सालय की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता निखुर्पा ने बताया कि किशोर को सोमवार को और दया को मंगलवार को जांच के बाद भर्ती किया गया है। दोनों लोगों में गलघोंटू के लक्षण मिले हैं। दोनों पीड़ितों की हालत सामान्य बनी हुई है। इलाज की प्रक्रिया जारी है। बताया कि जरूरत पड़ने पर गलघोंटू रोग में कारगर एंटी टॉक्सिन के टीके लगाए जा रहे हैं। बता दें कि गलघोंटू से चचई गांव में छह, जगथाना और गरुड़ में एक-एक बच्चे की मौत हो चुकी है।
राहत-जिला अस्पताल में एंटी टॉक्सिन का टीका उपलब्ध
बागेश्वर। राहत की बात यह है कि जिला अस्पताल में गलघोंटू रोग में कारगर एंटी टॉक्सिन का टीका उपलब्ध हो गया है। गलघोंटू के लगातार मामले सामने आने के बाद भी एंटी टॉक्सिन का टीका न होने से स्वास्थ्य महकमा लोगों के निशाने पर था। जिला चिकित्सालय के चीफ फार्मासिस्ट हरीश चंद्र सिंह ऐठानी ने बताया कि सीएमओ कार्यालय से 60 एंटी टॉक्सिन टीके प्राप्त हुए हैं।