बागेश्वर। जिले में आपदा का असर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिला मुख्यालय में भी दिखने लगा है। नीलेश्वर मंदिर को जाने वाली सड़क की सुरक्षा दीवार टूटने के कारण समीप रहने वाले छह मकान खतरे की जद में आ गए थे। जिला प्रशासन ने इन घरों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षा की दृष्टि से अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है।
तहसीलदार दलीप सिंह ने बताया कि प्रभावित हेमा देवी पत्नी नंदन राम और विनीता देवी पत्नी ईश्वर राम का परिवार सरस्वती देवी पत्नी लक्ष्मण राम के मकान में शिफ्ट हो गया है। गणेश राम पुत्र कुंवर राम और जगदीश कुमार पुत्र रामलाल का परिवार प्रभु प्रसाद पुत्र रघुनाथ प्रसाद के मकान में, मनोज कुमार पुत्र कुशल राम और ललित प्रकाश पुत्र कुशल राम को सोहन लोबियाल पुत्र पदीराम के मकान में शिफ्ट किया गया है। नीमा देवी पत्नी खुशाल राम का मकान के आगे की दीवार भी क्षतिग्रस्त हुई है।
तीन घरों के आंगन टूटे
बागेश्वर। जिले में तीन दिन से चल रहा बारिश का दौर थम गया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विगत दिनों की बारिश में बिलौरी के नरेंद्र सिंह, बौड़ी की मोहिनी देवी और घटगाड़ के उत्तम सिंह के आवासीय मकान के आंगन टूट गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बिलौना-पगना, जिंतोली-सलखन्यारी, काफलीकमेड़ा, पोलिंग-हरसीला, चीराबगड़-पोथिंग, किरौली, भयूं-गडेरा, कमेड़ीदेवीस्यांकोट, बड़ेत, चेटाबगड़, कन्यालीकोट-जगथाना सड़कों पर यातायात सुचारू करने का काम जारी है।