कपकोट में एसडीआरएफ के जवानों को रवाना करते एसडीएम
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सुंदरढुंगा ट्रैकिंग रूट से लापता हुए छत्तीसगढ़ के ट्रैकर को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ के जवानों का छह सदस्यीय दल सुंदरढुंगा ग्लेशियर के लिए बृहस्पतिवार की सुबह रवाना हो गया है। इस दल में दो गाइड और तीन पोर्टर भी शामिल हैं। उप जिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने दल को रवाना करने से पहले तहसील सभागार में दिशा निर्देश दिए। मालूम हो कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से ट्रैकिंग के लिए बागेश्वर आया 28 वर्षीय बागीश चंद्राकर एक माह पहले लापता हो गया था।
यह युवक छह सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे सुंगरढुंगा ग्लेशियर के लिए निकला था। इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। कई दिनों तक बागीश का फोन नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। ट्रैकर के लापता होने की सूचना पर तहसील प्रशासन ने भी पांच सदस्यीय टीम तलाश को भेजी थी। जीरो प्वाइंट तक जाने के बाद भी इस टीम के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। एसडीएम बिष्ट ने बृहस्पतिवार सुबह ट्रैकर बागीश को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ की छह सदस्यीय टीम को रवाना किया।
एसडीएम ने बताया कि यह टीम सुंदरढुंगा होते हुए रूपकुंड की ओर निकलेगी। एक अन्य दल ट्रैकर को ढूंढने के लिए रूपकुंड से चलकर सुंदरढुंगा ट्रैक की ओर आ रहा है। इस टीम में एसडीआरएफ के प्रशिक्षित पर्वतारोही शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दोनों टीम सुंदरढुंगा और रूपकुंड ट्रैक में लापता ट्रेकर को खोजते हुए रास्ते में आपस में मिलेंगी।
यह टीम सेटेलाइट फोन के जरिए संपर्क में रहेंगी। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ की टीम में आशीष डिमरी, जयकीर्ति सिंह, दिनेश चौहान, अमित टम्टा, दीपक सिंह, देवेंद्र और गाइड भगवत दानू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि लापता ट्रैकर के जीजा प्रियंक पटेल और चचेरा भाई तुपेश चंद्रा जातोली में ठहरे हुए हैं।