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जीवन के हर पहलू में रचा-बसा है विज्ञान : सकलानी

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बागेश्वर के जीआईसी मंडलसेरा में विज्ञान मेले में मॉडलों का निरीक्षण करते डीईओ। संवाद न्यूज एजें - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज मंडलसेरा में डायट की अनुभव आधारित सात दिवसीय विज्ञान कार्यशाला हुई। इसका समापन सत्र में विज्ञान मेला आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने कार्यशाला में बनाए गए विज्ञान के 40 मॉडल दिखाए।
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मुख्य अतिथि डीईओ बेसिक पद्मेंद्र सकलानी ने विज्ञान मेले का शुभारंभ किया। कहा कि जीवन के हर पहलू में विज्ञान रचा-बसा है। विज्ञान के बिना संसार की कल्पना बेमानी है। विज्ञान समन्वयक और डायट प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र धपोला ने कहा कि विज्ञान को केवल पढ़ने या रटने से अनुभव करने पर ही सीखा जा सकता है। प्रधानाचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल ने बच्चों से सीखने और सिखाने की प्रवृत्ति को विकसित करने और जिज्ञासु बनने के लिए कहा।
कार्यशाला में बाल वैज्ञानिकों के बनाए मॉडलों का मुख्य अतिथि और अन्य शिक्षकों ने अवलोकन किया। मेले में पांच विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, डीएलएड प्रशिक्षुओं और शिक्षकों सहित 300 से अधिक लोगों ने भागीदारी की। मोहन धामी ने संचालन किया। इस मौके पर डॉ. प्रेम मावड़ी, कैैलाश प्रकाश चंदोला, डॉ. बीडी पांडेय, डॉ. दया सागर, संदीप जोशी, मनोज खोलिया आदि रहे।
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क्विज में रोहित, भारती, मनीष रहे प्रथम
अल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय विभाग में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर क्विज प्रतियोगिता हुई। इसमें टीम डी के रोहित, भारती, मनीष प्रथम रहे। प्रतियोगिता में ए, बी, सी, डी, ई कुल पांच टीमों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नीलम ने विज्ञान की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि महान वैज्ञानिक डॉ. सीवी रमन ने संपूर्ण देश को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित किया। इस मौके पर शिक्षा संकाय विभागाध्यक्ष डॉ. भीमा मनराल, हेमंत सिंह, पूजा चंद्र, किरन जोशी ने विचार रखे। सहायक प्राध्यापक अंकिता ने संचालन किया। कार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र चम्याल, ममता कांडपाल, मनोज आर्या, मनोज जोशी, मंजरी तिवारी आदि थे। विवि के वनस्पति विज्ञान में प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. धनी आर्य, शिक्षिका डॉ. मंजुलता उपाध्याय, छात्रा नेहा पांडे ने विज्ञान दिवस और रमन प्रभाव की उपयोगिता बताई। छात्रा ममता पांडे ने कविता पाठ किया। कृतिका रानी ने कहा कि नवीन पीढ़ी को नए नजरिये से विज्ञान को समझना चाहिए। शिक्षक डॉ. रविंद्र कुमार ने आभार जताया। इस दौरान प्रमोद भट्ट, रमेश, सुनील, विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी डॉ. ललित चंद्र जोशी योगी ने सहयोग दिया।
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