बागेश्वर। तेज बारिश से कपकोट क्षेत्र में अचानक सरयू का जलस्तर बढ़ गया। इससे विकास भवन के पास सरयू नदी किनारे काम कर रहे चार मजदूर नदी के टापू में फंस गए। अग्निशमन विभाग के दल ने चारों को सुरक्षित निकाल लिया। नदी का जलस्तर बढ़ने से पिंडारी रोड में जिला अस्पताल के पास नदी में खनन कर रहे लोगों के साथ ही मछली मार रहे कई लोगों ने भागकर जान बचाई।
बृहस्पतिवार तड़के जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट और गरुड़ में तेज बारिश हुई। कपकोट क्षेत्र में हुई बारिश से सुबह करीब साढ़े दस बजे सरयू नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जलस्तर अचानक बढ़ने से विकास भवन के पास नदी किनारे काम कर रहे चार मजदूरों ने नदी के बीच में बने टापू में जाकर जान बचाई। नदी का बहाव तेज होता जा रहा था। स्थानीय निवासी विमला जोशी, मोनिका तिवारी, पायल जोशी की सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने नदी के टापू में फंसे मजदूर नत्थू लाल (75), हमनेश (18), केशव (28), आदेश (20) को बारी-बारी से नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वहीं, पिंडारी रोड में जिला अस्पताल के पास कई लोग नदी से रेत निकालने और मछली मारने में जुटे हुए थे। नदी का बहाव बढ़ने पर इन लोगों ने भागकर जान बचाई। शाम करीब साढ़े चार बजे से एक बार फिर कपकोट में तेज बारिश हुई। जिला मुख्यालय के साथ ही कांडा और तमाम इलाकों में बारिश होने से सरयू नदी का जलस्तर और बढ़ गया।
छलनी किया जाता है सरयू का सीना
बागेश्वर। बागेश्वर की सरयू नदी में सुबह से शाम तक खनन किया जाता है। खुलेआम मछलियों का शिकार करते लोग हर समय नदी में दिखते हैं लेकिन जिम्मेदार सरकारी अमला कार्रवाई की जहमत नहीं उठाता है।
खनन करने वाले बागनाथ मंदिर के समीप खुलेआम रेत निकालते हैं। मजदूरों का झुंड महंत बगीचे पास, पिंडारी रोड, कलक्ट्रेट रोड के पास सरयू नदी से झुंड के रूप में एकत्र होकर रेत निकालते हैं। खनन के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर गड्ढों में पानी भर जाता है। गड्ढों में पानी भरने के कारण नदी तल का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। गड्ढे शवदाह करने आने वाले लोगों के साथ ही नदी में जल भरने जाने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासनिक अमला खननकर्ताओं पर कार्रवाई की बात तो करता है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जाता। सरकारी अमले की अनदेखी के कारण जहां राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं लोगों की जान के लिए भी यह खतरा है।
बागेश्वर में नदियों में खुलेआम अवैध रूप से मछलियों का शिकार किया जाता है। सरयू के साथ ही गोमती नदी में मछलियों का शिकार करते लोग सुबह से शाम तक देखे जा सकते हैं, लेकिन वन विभाग के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी आंखें मूंदे रहते हैं। गनीमत रही कि बृहस्पतिवार की घटना में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
बारिश को देखते हुए नदी के किनारे न जाने के दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। लोगों को खुद भी सतर्क रहना चाहिए। सरयू नदी में अवैध खनन करने वगाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश मातहत अधिकारियों को जारी किए गए हैं।
-चंद्र सिंह इमलाल प्रभारी डीएम बागेश्वर
बागेश्वर में सरयू नदी में फंसे मजदूरों को निकालते फायर सर्विस के जवान। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR