सरयू नदी पर पनौरा में मोटर पुल बनने से पहले ही दो बार आपदा की भेंट चढ़ गया। इस पुल के निर्माण पर लोनिवि एक करोड़ 68 लाख रुपये पानी में बहा चुका है। निर्माणाधीन पुल के गिरने का मामला एक ओर न्यायालय में चल रहा है, दूसरी तरफ शासन स्तर से तकनीकी जंाच हो रही है।
बागेश्वर-कपकोट मार्ग से पनौरा गांव को जोड़ने के लिए सरयू नदी पर 80 मीटर स्पान के इस पुल का निर्माण कार्य 2011 में शुरू हो गया था। दो करोड़ की लागत के इस पुल का ढांचा जून 2013 में खड़ा हो चुका था।
इसके एवज में लोनिवि कपकोट खंड ने एक करोड़, 68 लाख,73 हजार 605 रुपये का भुगतान ठेकेदार को कर दिया था, लेकिन 17 जूृन 2013 की भयंकर आपदा के दौरान सरयू में आई बाढ़ के साथ पुल का ढांचा गिर गया। पुल का हस्तांतरण नहीं हुआ था, लिहाजा लोनिवि ने ठेकेदार से यह काम फिर कराने को कहा।
ठेकेदार ने फिर से काम शुरू किया। पुल का काफी काम हो चुका था। एक साल के भीतर ठेकेदार के लाखों रुपये खर्च हो चुके थे, लेकिन 2014 की बरसात में यह पुल फिर से गिर गया। लोनिवि ने इसके लिए ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया और एक करोड़ की रिकवरी का नोटिस भेजा।
लोनिवि की कार्रवाई के खिलाफ ठेकेदार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। ठेकेदार का कहना था कि पुल उसकी गलती से नहीं, आपदा के कारण गिरा था। इधर शासन ने एक समिति का गठन करके इसकी जांच शुरू की है।
लोनिवि कपकोट खंड के सहायक अभियंता प्रकाश लाल ने बताया कि शासन की टीम जांच स्थलीय निरीक्षण करके लौट गई है। शासन के निर्देश के आधार पर आगे पुल बनाने की कार्रवाई होगी।