खस्ताहाल मुनार-रिखाड़ी-सूपी सड़क
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सांसद आदर्श गांव सूपी को जोड़ने वाली सड़क की हालत खस्ता है। सड़क का डामरीकरण और बरसात में हुई क्षति की भरपाई नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में रोष है। सड़क पर बड़े वाहन भी नहीं चल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई से सड़क की हालत शीघ्र सुधारने की मांग की है।
पीएमजीएसवाई की सात किमी लंबी मुनार-रिखाड़ी-सांसद आदर्श गांव सूपी-तरसाल सड़क में डामरीकरण नहीं होने से उसकी हालत बदत्तर हो गई है। विभाग ने पिछले महीनों में डामरीकरण के लिए सूपी और रिखाड़ी के बीच में कुछ स्थानों पर डामरीकरण किया था। लोगों को तब लग रहा था कि विभाग सोलिंग का काम पूरा करके शीघ्र डामरीकरण का काम पूरा कर देगा, लेकिन सोलिंग का काम ही पूरा नहीं हो सका है। डामरीकरण नहीं होने से सड़क के कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
बरसात में रिखाड़ी के पास भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। इससे सड़क को काफी नुकसान हुआ। विभाग ने यातायात सुचारु करने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। वहां सड़क काफी संकरी होने से बड़े वाहनों का आवागमन भी ठप पड़ा है। इससे वाहनों के खाई में गिरने का खतरा बना रहता है। सड़क निर्माण में प्रभावित किसानों को उनकी नाप भूमि का मुआवजा भी नहीं मिल सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सड़क की हालत सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों और पीएमजीएसवाई के अभियंताओं को कई बार कहा, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। उन्होंने सड़क को जल्द नहीं सुधारने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में पैरा लीगल वॉलियंटर चंचल राम, ग्राम प्रधान शांति आर्या, यशपाल टाकुली, केशर राम, पूरन राम, कौशल्या देवी, विश्नुली देवी आदि शामिल हैं।
सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है। भूस्खलन से हुई क्षति को पूर्ति करने का काम तेजी से शुरू करवा दिया गया है। चार दिन के भीतर सड़क पर बड़े वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। एक सप्ताह के बाद सड़क में पेंटिंग का काम भी शुरू हो जाएगा।
- गंगा सिंह चुफाल, ईई, पीएमजीएसवाई कपकोट डिवीजन