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Bageshwar News: बढ़ता पारा गर्भवतियों की बढ़ा सकता है मुश्किलें

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बागेश्वर। जिले में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर के समय तापमान निरंतर 30 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया जा रहा है। बढ़ते पारे का सबसे अधिक प्रभाव गर्भवतियों के स्वास्थ्य पर पड़ने की आशंका है। महिला रोग विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती तपिश गर्भवतियों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इसे देखते हुए विशेष सावधानी बरतने और दिनचर्या में बदलाव करने पर जोर दिया गया है।
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जिला अस्पताल में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा उपाध्याय के अनुसार गर्भावस्था के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहता है। ऐसे में बाहरी गर्मी बढ़ने से महिलाओं को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, पैरों में सूजन और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में पानी की अत्यधिक कमी होने से गर्भस्थ शिशु के विकास और उसकी हलचल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में दिन भर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी का सेवन और नारियल पानी, ताजे फलों का रस, छाछ और नींबू पानी को भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। गर्भवतियों को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। सिंथेटिक के बजाय सूती और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने चाहिए।

.....कोट
बढ़ता पारा गर्भवतियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। अधिक तापमान के कारण रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और शरीर में लवणों की कमी हो सकती है। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे धूप में निकलने से बचें और खुद को हाइड्रेट रखें। यदि शरीर में अत्यधिक थकान, धुंधला दिखाई देना या कम यूरीन आने जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। -रीमा उपाध्याय, महिला रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल बागेश्वर
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