बागेश्वर/कांडा। जिले के अधिकतर जंगल सुलग रहे हैं। बागेश्वर, धरमघर और गढ़खेत रेंज के वनों में आग लगने से वन संपदा को नुकसान हो रहा है। वातावरण में धुआं फैलने से वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
सोमवार को मालता, सिमार, डिगरा, थाला, जारती, लमचूला, जगथाना समेत अनेक स्थानों पर आग लगी। कहीं हल्की तो कहीं तेज लपटों के कारण पेड़-पौधों और वन्यजीवों को नुकसान हुआ। जिले के अधिकतर स्थानों पर जंगल जल चुके हैं। हरे-भरे पहाड़ों में हरियाली की जगह स्याह रंग चढ़ गया है। वातावरण में धुएं के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। वन विभाग और दमकल विभाग की टीमें वनों को बचाने के लिए भरसक प्रयास करने का दावा कर रही हैं। हालांकि वनाग्नि इन दावों पर भारी पड़ रही है।
दमकल विभाग की टीम ने तीन घटनाओं को काबू किया। बागेश्वर की फायर यूनिट ने पुलिस लाइन से आगे मालता के जंगल में लगी भीषण आग को पंपिंग कर काबू किया और आबादी की तरफ आने से रोका। गरुड़ की टीम ने सिमार के जंगलों में लगी आग को मिनी हाई प्रेशर से पंपिंग कर काबू किया। डीएफओ आदित्य रत्न ने बताया कि नाप भूमि, सिविल वन या वन पंचायत में आग लगने की सूचनाएं हैं। विभागीय कर्मचारी और फायर वाचर आग को नियंत्रित कर जंगलों की तरफ बढ़ने से रोक रहे हैं।
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कुकुड़ामाई का जंगल धधका
बागेश्वर। कुकुड़ामाई के जंगल में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। तेजी से फैलती आग ने अंधेरा होने तक बड़े भूभाग को चपेट में ले लिया। शाम को चलने वाली हवा ने भी आग को फैलाने में मदद की। वन विभाग के कर्मचारी सूचना के बाद आग बुझाने के लिए रवाना हुए। हालांकि विकराल हो चुकी आग को काबू करने में कर्मचारी कड़ी मशक्कत करते रहे। खबर लिखे जाने तक आग नहीं बुझी थी। संवाद