बागेश्वर में पत्रकारों से वार्ता करते राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा।
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बागेश्वर। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने पेट्रो पदार्थों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई घटाने के लिए गंभीर नहीं है। भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में जनता करारा सबक सिखाने जा रही है।
पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में टम्टा ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में जीएसटी लागू करते समय कहा था कि एक देश में एक कर होगा, लेकिन पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखकर देश को महंगाई की आग में झोंकने का काम किया है। पेट्रोल और डीजल जीएसटी के दायरे में लाए गए होते तो केवल 18 प्रतिशत टैक्स लगता। पेट्रोल, डीजल के दाम 50 रुपये प्रति लीटर से भी कम हो जाते। कहा कि सरकार ने 45 वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को बेरोजगारों का प्रदेश बना दिया गया है। कोविड पॉजिटिव को निगेटिव दिखाने का काम इस प्रदेश में हुआ है। सरकार पुलिस को कठपुतली बनाकर अपराधों पर पर्दा डाल रही है। वार्ता में पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, कांग्रेस नेता सज्जन लाल टम्टा, रंजीत दास, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष कवि जोशी आदि थे।
कांग्रेस ही करेगी पहाड़ में रेल का सपना साकार
बागेश्वर। प्रदीप टम्टा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में टनकपुर-बागेश्वर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को मंजूरी दी गई। बागेश्वर रेल लाइन को सामरिक महत्व का प्रोजेक्ट घोषित करते हुए राष्ट्रीय परियोजना में शामिल कराया। भाजपा सरकार ने इन प्रोजेक्टों को रोक दिया है। कहा कांग्रेस ही रेल लाइन निर्माण का सपना पूरा करेगी।