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पहली ही मानसूनी बारिश का कहर-212.50 बारिश ने कपकोट क्षेत्र में मचाई तबाही,

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कपकोट में सड़क के बीच आए मलबे से गुजरते विधायक सुरेश गढ़िया। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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20 सड़कों पर यातायात ठप
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80 परिवारों की बिजली गुल रही
08 परिवारों को घर तक छोड़ना पड़ा
212.5 मिमी बारिश हुई कपकोट में
02 पुल बह गए कपकोट के बसकूना में
आफत की बारिश
-असों का स्वास्थ्य उपकेंद्र, एएनएम सेंटर का भवन ध्वस्त
-पानी की लाइनों को व्यापक क्षति, सड़कों को पहुंचा नुकसान
बागेश्वर/कपकोट। मानसून की पहली ही बारिश ने आपदा के लिहाज से अति संवेदनशील कपकोट में कहर बरपा दिया। मंगलवार की रात हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई। लोग सिहर उठे। बादल फटने का जैसा आभास होने से वे घरों से बाहर निकल आए।
कपकोट क्षेत्र में मंगलवार की रात करीब नौ बजे से तड़के साढ़े तीन बजे तक मूसलाधार बारिश हुई। बुधवार की सुबह लोग उठे तो घरों तक भूस्खलन हो गया था। सड़कों पर मलबा पटा था। बारिश से कपकोट के असों में उप स्वास्थ्य केंद्र ध्वस्त हो गया। इसी केंद्र में एएनएम सेंटर और फार्मासिस्ट सेंटर भी मलबे में तब्दील हो गया। कपकोट और नरगड़ा में बिजली के पोल उखड़ गए। इस कारण करीब 80 घरों में बिजली गुल हो गई। पानी की लाइनों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
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बारिश से 25 सड़कों पर मलबा गिरने से यातायात ठप हो गया। हालांकि प्रशासन ने शाम तक पांच सड़कों को खोले जाने की बात कही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कपकोट में मंगलवार की रात 212.50 एमएम बारिश हुई। कपकोट के बसकूना में अतिवृष्टि से दो पुल बहने की सूचना है।
पूर्व सैनिक मोहन सिंह कपकोटी ने बताया कि खतरे की आशंका से गांव के आठ लोगों ने घर छोड़ दिए हैं। लोग रात में ही घरों से बाहर निकल आए थे। सुबह सूचना मिलने के बाद सरकारी अमला सड़कों को खोलने के काम में जुटा।
नुकसान
-कपकोट के जमन सिंह और बहादुर सिंह कपकोटी के मकानों तक भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से मकानों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
- रंगदेव के ओलियागांव में चंदन राम का मकान भी खतरे की जद में आ गया है।
-कपकोट की लोअर नहर कई स्थानों में क्षतिग्रस्त हो गई है।
-गैरखेत ग्राम पंचायत के खकरचमा तोक में पानी का बहाव आबादी की ओर हो गया।
-जतरकोट (हरसीला) में सुंदर सिंह गढ़िया के रेस्टोरेंट में मलबा घुस गया। असों में खेतों में मलबा पट गया।
-नरगड़ा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से 60 परिवारों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है।
-ग्राम पंचायत जारती में भरत सिंह मेहता के मकान में मलबा घुसने की सूचना है।
-दफौट में मिनी स्टेडियम का मलबा भूतपूर्व सैनिक मनमोहन सिंह कालाकोटी का आवासीय मकान के साथ ही गोशाला, मुर्गी फार्म, मछली तालाब भर गया।
संचार सेवा बाधित
बागेश्वर। कपकोट के भराड़ी के खाईबगड़ में निजी संचार कंपनी जियो का पोल भूस्खलन की भेंट चढ़ गया। इससे जियो की संचार सेवा में व्यवधान आया। कपकोट क्षेत्र में बुधवार सुबह से बीएसएनएल की संचार सेवा भी ठप रही।
बसकूना के हाल ज्यादा खराब
बागेश्वर। बसकूना, खटगेड़ा में बारिश ने अधिक तबाही मचाई है। बसकूना की सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। कई जगह सड़क का नामोनिशान नहीं रहा है। बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बसकूना पहुंचकर क्षति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बुधवार को सरकारी अमला नुकसान का जायजा लेने तक नहीं पहुंचा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से नुकसान का जायजा लेकर लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है।
सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचा
बागेश्वर। जिला मुख्यालय में सरयू उफान पर आने से बागेश्वर में स्नान घाटों को नुकसान हुआ है। बागनाथ प्लेटफार्म में विश्राम के लिए बनाए गए शेड और बैंच बह गए हैं। बुधवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया था। बुधवार सुबह सरयू का जलस्तर 869 मीटर पहुंच गया था। सरयू के खतरे का निशान 869.70 मीटर है। हालांकि शान को सरयू का जलस्तर कुछ कम हो गया था। कपकोट में बुधवार की दोपहर एक बार फिर 35 एमएम बारिश हुई। बागेश्वर में 19 तो गरुड़ में 7 एमएम बारिश हुई। शाम तक बारिश का सिलसिला जारी था। पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने बागेश्वर के सरयू घाट को हुए नुकसान का जायजा लिया।
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लोगों को विस्थापित करने के निर्देश
बागेश्वर। डीएम विनीत कुमार ने कपकोट में आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। उन्होंने कपकोट के दणू गधेरे के खतरे को देखते हुए खतरे की जद में आए परिवारों को पंचायतघर और स्कूल में विस्थापित करने के निर्देश कपकोट के एसडीएम पारितोष वर्मा को दिए। विधायक सुरेश गढ़िया ने नुकसान का जायजा लेते हुए डीएम से बंद सड़कों को तत्काल खुलवाने के साथ ही प्रभावितों को राहत पहुंचाने को कहा। डीएम ने कहा कि प्रभावितों को हरसंभव राहत दी जाएगी।
बंद सड़कों को तत्काल खोलें:मुख्यमंत्री
बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक में आपदा के सीजन को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एक्टिव मोड पर रहें। अपरिहार्य कारणों को छोड़कर कोई भी अधिकारी, कर्मचारी अवकाश पर नहीं जाएगा। उन्होंने बंद सड़कों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। डीएम ने मंगलवार की रात हुई बारिश से कपकोट क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी सीएम को दी। आपदा राहत के कार्यों के लिए बजट की मांग की। संवाद
कपकोट में इन सड़कों पर ठप रहा यातायात
-बीआरओ के अधीन आने वाली बागेश्वर-कपकोट सड़क
-पीएमजीएसवाई की 18
-लोनिवि की 6 सड़कें बंद हो गई थीं।
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पीएमजीएसवाई ने शाम तक पांच और लोनिवि ने चार सड़कों पर यातायात सुचारु कर दिया था। बीआरओ ने भी बागेश्वर-कपकोट सड़क पर यातायात बहाल कर दिया था। हालांकि खोली गई सड़कों के किनारे अब भी भारी मात्रा में मलबा पड़ा है। थोड़ी सी बारिश में फिर से सड़कों के बंद होने का अंदेशा है। संवाद
सड़क महकमे लापरवाह नहीं रहते तो ऐसा मंजर न दिखाई देता
कालिका रावल
बागेश्वर। सड़कों की देखरेख का जिम्मा संभालने वाले महकमों की लापरवाही के कारण मानसून की पहली ही बारिश में सड़कें बुरे हाल में दिखीं। सड़कों का निकासी सिस्टम दुरुस्त न होने, स्क्रबर बंद होने और गलत स्थानों पर स्क्रबर बनने से सड़कों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। पहली ही बारिश 25 सड़कों को गहरे जख्म दे गई।
सड़कों की देखरेख का जिम्मा संभालने वाले लोनिवि, पीएमजीएसवाई डिवीजन और अन्य महकमे सड़कों की देखभाल के प्रति सालभर तो उदासीन बने ही रहते हैं। वर्षाकाल में भी सजग नहीं रहते। शायद इनको सड़कों को होने वाले नुकसान का इंतजार रहता हो, ताकि सड़कों की मरम्मत के नाम पर बजट खपाया जा सके।
मई माह में डीएम विनीत कुमार के निर्देश पर जिले के बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ के एसडीएम ने सड़कों की निकास नालियों और स्क्रबरों का जायजा लिया था। अधिकांश स्क्रबर और निकास नालियां बंद मिली थीं। बाकायदा सूचना विभाग के माध्यम से उपजिलाधिकारियों की रिपोर्ट सार्वजनिक की गई थी। समाचार पत्रों में यह लापरवाही प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने सड़कों की देखरेख में लापरवाही बरतने वाले महकमों के अधिकारियों पर नकेल कसना भी जरूरी नहीं समझा। इस लापरवाही का नतीजा कहेंगे कि बरसात के सीजन में ही जिले की सड़कें कराहने लगी हैं। संवाद
लापरवाही का आलम
बागेश्वर। सड़क निर्माण का जिम्मा संभाल रहे महकमों के अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि पिछले तीन साल से कपकोट से कर्मी जाने वाली सड़क की दशा सरण नामक स्थान पर काफी खराब है। इस स्थान पर तीन साल पहले आए मलबे के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है। मलबे से पटी सड़क पर सामान से भरे मालवाहक वाहन नहीं चढ़ पाते। धरमघर-माजखेत सड़क पर बजट होने के बाद भी सात साल में सुरक्षा दीवार और वायरक्रेट पीएमजीएसवाई डिवीजन कपकोट नहीं लगवा पाया। डामर नहीं करवा पाया। डामर के ड्रम सड़क किनारे पड़े हैं। हाल में अमर उजाला ने इस घपलेबाजी को प्रमुखता से उठाया था। महकमा तीन करोड़ के कार्य अवशेष बता रहा है। ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर नए सिरे से टेंडर लगाने की बात कर रहा है, लेकिन धरातल पर ऐसा हो नहीं रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामला संज्ञान में होने के बाद भी चुप्पी साध रखी है। इन हालात में सड़कों को क्षतिग्रस्त होने, ध्वस्त होने से कोई नहीं रोक सकता। सवाल यही है कि जनता कब तक परेशान होती रहेगी?
बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से मिली थोड़ी राहत
अल्मोड़ा। बुधवार को हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। देर शाम तक रूक-रूक कर बारिश होते रही। बारिश से द्वाराहाट विकासखंड की ग्रामीण सड़क बंद रही।
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बुधवार की सुबह आसमान में बादल छाए थे। हालांकि कुछ देर बाद धूप निकल आई, जिससे उमस भरी गर्मी रही। दोपहर बाद बारिश शुरू हो गई। दिन भर रूक-रूक कर बारिश हुई। देर शाम तक मौसम खराब रहा। बारिश से मौसम सुहावना हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। बारिश से फसलों को भी संजीवनी मिली है। खास कर रोपाई की जाने वाली धान की फसलों के लिए ये बारिश काफी फायदेमंद बताई जा रही है। इन दिनों धान उत्पादित क्षेत्रों में किसान धान के पौध की रोपाई कर रहे हैं। इस हालिया से रोपे गए धान के पौधों समेत अन्य फसलों को संजीवनी मिली है। इधर बारिश से द्वाराहाट विकासखंड के अंतर्गत गगास मार्ग ऊंटी मंदिर के समीप यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस, सोमवार अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मंगलवार की रात कपकोट में हुई बारिश से बागेश्वर में उफान पर आई सरयू नदी। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

कपकोट के जतरकोट में रेस्टोरेंट में घुसा मलबा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

मंगलवार की बारिश से कपकोट के हरसीला में सड़क पर आया मलबा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

मंगलवार की रात की बारिश से कपकोट के असों में ध्वस्त स्वास्थ्य उपकेंद्र। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

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