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द्यांगण में आवासीय मकान क्षतिग्रस्त, पालतू जानवर मलबे में दबे

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बागेश्वर के द्यांगण में क्षतिग्रस्त मकान। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय के नजदीक द्यांगण में शनिवार को आवासीय मकान क्षतिग्रस्त होने से मलबे में एक भैंस और उसका बछड़ा (थोरी) मलबे में दब गए। भैंस और बछड़े को जीवित बचा लिया गया है।
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आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम को द्यांगण में शेर सिंह पुत्र दीवान सिंह का मकान क्षतिग्रस्त होने और मलबे में भैंस और बछड़े के दबने की सूचना मिली। डीएम विनीत कुमार के निर्देश पर पुलिस, राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से भैंस और उसके बछड़े को मलबे से निकाला। पशुपालन विभाग की टीम वने चोटिल पशुओं का मौके पर ही इलाज किया। दोनों पशुओं के शरीर में हल्की चोटें आई थीं।
भैंस के बछड़े के पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वह खड़ा नहीं हो पा रहा था। पशुपालन विभाग की टीम ने दर्द निवारक औषधि दी। उपचार उपलब्ध के बाद बछड़ा पैरों में खड़ा हो गया। दोनों पशुओं ने चारा खाना शुरू कर दिया। पशुपालन विभाग ने पशुपालक को औषधियां प्रदान की। मकान क्षतिग्रस्त होने से परिवार के सामने आवास की समस्या पैदा हो गई है। मौके पर पहुंची तहसीलदार दीपिका आर्या ने प्रभावित परिवार को नियमानुसार मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
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बारिश के अंदेशे से ही सिहर उठ रहे आपदा प्रभावित
बागेश्वर। बुधवार की अतिवृष्टि कपकोट क्षेत्र को गहरे जख्म दे गई है। भूस्खलन से खतरे में आए मकानों में रह रहे लोग बारिश के अंदेशे से ही सिहर उठ रहे हैं।
बुधवार को हुई अतिवृष्टि से कपकोट निवासी बहादुर सिंह और जमन सिंह के मकान के आंगन की सुरक्षा दीवार ढह गई। मकान के पास तक भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से दोनों परिवारों के मकानों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। प्रभावित परिवारों ने क्षतिग्रस्त दीवार पर पॉलिथीन बांधकर मकानों की सुरक्षा कर रहे हैं। अब तक इन परिवारों को सरकार और प्रशासन से किसी तरह की मदद नहीं मिली है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा है कि आपदा से काफी खराब हालात हैं। लोगों के आवासीय मकानों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। सरकार और प्रशासन को खतरे की जद में आए मकानों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। उन्होंने क्षति के आकलन तक के लिए सरकारी अमले के प्रभावित गांवों में न पहुंचने पर सवाल खड़े किए हैं। संवाद
ग्वाड़-भिलकोट, बैड़ा-मझेड़ा में बिजली संकट
बागेश्वर। जिले के ग्वाड़-भिलकोट, बैड़ा-मझेड़ा में पिछले चार दिन से बिजली का संकट बना हुआ है। बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से दिक्कत आई है। ग्वाड़-भिलकोट में बिजली की लाइन पर पेड़ गिरे हैं। शनिवार को चौथे दिन ग्वाड़-भिलकोट की लाइन को ठीक करने के लिए यूपीसीएल की टीम पहुंची हुई है। उधर, बैड़ा-मझेड़ा में बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त से तमाम क्षेत्रों में बिजली का संकट बना हुआ है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बैड़ा मझेड़ा में बिजली की लाइन की मरम्मत की जा रही है। जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारु हो जाएगी। संवाद
दुगनाकुरी डिग्री कॉलेज में उपकरण फुंके
बागेश्वर। बिजली गिरने से दुगनाकुरी डिग्री कॉलेज में कंप्यूटर, प्रिंटर, इन्वर्टर समेत तमाम बिजली के उपकरण फुंक गए हैं। बिजली की लाइन जल गई है। उपकरण फुंकने से डिग्री कॉलेज का कार्यालयी कामकाज प्रभावित हो गया है। पढ़ाई में भी व्यवधान आ गया है। संवाद
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