बागेश्वर के विकास भवन सभागार में अधिकारियों की बैठक लेते डीएम। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कोरोना के नये स्वरूप ओमिक्रॉन की दहशत के बीच जिले में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के लिए दो वेंटिलेटर स्थापित कर दिए गए हैं। जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब वेंटिलेटरों की संख्या 14 हो गई है। कोविड केयर सेंटर में पहले से ही 100 बेडों की व्यवस्था है।
जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर में पहले से ही 6-6 वेंटि लेटर लगे थे। अब बच्चों के लिए भी दो वेंटिलेटर स्थापित कर दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि कोरोना के नये स्वरूप की चिंताओं के बीच पूरी सजगता बरती जा रही है। जिला अस्पताल में दो वेंटिलेटर स्थापित कर दिए गए हैं। 12 वेंटिलेटर पहले से लगे हैं। डिग्री कॉलेज में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में 100 बेड लगाए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कोरोना संक्रमितों के इलाज में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
ऑक्सीजन पर आत्मनिर्भर है बागेश्वर
बागेश्वर। बागेश्वर जिला ऑक्सीजन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो गया है। जिला अस्पताल परिसर में लगाए गए दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांटों से 650 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। कांडा सीएचसी में 250 एलपीएम का प्लांट लग गया है। वहीं, कपकोट सीएचसी में 250 एलपीएम का प्लांट लगाने का काम चल रहा है। सीएमओ डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि कांडा और कपकोट में ऑक्सीजन प्लांटों से जल्द ही उत्पादन शुरू हो जाएगा। बताया कि जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन उत्पादित हो रही है। बाहरी क्षेत्रों पर निर्भरता समाप्त हो गई है।