बागेश्वर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गर्भवतियों को सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, दवाइयां, डिलीवरी, प्रसव पश्चात देखभाल और नवजात शिशु के इलाज की सुविधा निशुल्क प्रदान की जा रही है।
एनएचएम के तहत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई प्रमुख योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत ईजा बोई याेजना भी चलाई जा रही है, इसमें प्रसव के बाद 1,400 रुपये और तीन दिन से अधिक अस्पताल में रहने पर 400 रुपये महिला के खाते में डाले जाते हैं। एनएचएम कार्यालय के अनुसार वित्तीय वर्ष में अप्रैल माह में 112 गर्भवतियों, मई में 109 और जून में 107 गर्भवतियों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसमें मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं निशुल्क जांच और दवाइयां प्रसव पूर्व जांच, अल्ट्रासाउंड, और आवश्यक दवाइयां निशुल्क दी जाती हैं।
इस दौरान सामान्य प्रसव और सिजेरियन का खर्च सरकार उठाती है। अस्पताल से घर और जरूरत पड़ने पर एक से दूसरे अस्पताल जाने के लिए मुफ्त एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पौष्टिक भोजन मुफ्त दिया जाता है। जननी सुरक्षा योजना के तहत महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
कोट
महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाता है। आशा समय-समय पर गर्भवतियों को कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराती हैै। लक्ष्य के सापेक्ष महिलाओं को लाभ दिया जाता है।
डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर