बागेश्वर। कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव सोराग में वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया वैकल्पिक लकड़ी का पुल रविवार को नदी के तेज बहाव में बह गया है। पुल बहने से गांव से संचालित होने वाले दो टैक्सी वाहन नदी के उस पार ही फंस गए हैं। चार दिन से वाहन फंसने से वाहन स्वामियों और चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण पिंडर नदी पर ग्रामीणों की ओर से वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया वैकल्पिक पुल बह गया। ग्रामीणों की सड़क से आवाजाही ठप हो गई। ग्रामीण पैदल पुल से नदी को पार कर आवाजाही कर रहे हैं। गांव में हिमांशु दानू का वाहन (यूके 02 टीए 1527) और लोकपाल सिंह का वाहन (यूके 02 टीए 1502) नदी के उस पार ही फंसा। चार दिन से वाहनों के गांव में फंसे होने से वाहन स्वामी और चालकों के सामने परिवार के भरण-पोषण का खतरा मंडराने लगा है। वाहन चालक रोजाना वाहन चलाकर परिवार को पालते हैं। वाहन स्वामियों की भी वाहन से आमदनी होती है। दोनों वाहनों की बैंक की किस्त जमा करनी है। वाहन नदी के पार फंसे होने से वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रभावितों की मदद करने की मांग की है।
रविवार से गाड़ी गांव में खड़ी है। रोजाना संचालन होने से घर खर्च चलता था। चार दिन से वाहन का संचालन नहीं होने से आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। गांव के लोगों को आवाजाही करने में भी समस्या आ रही है। प्रशासन को वाहनों को तत्काल नदी के पार निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए।
-हिमांशु दानू, वाहन स्वामी
गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने और वाहनों की आवाजाही के लिए ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था से लकड़ी का पुल बनाया था। शासन-प्रशासन से लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही है। अब तक पुल का निर्माण भी नहीं हुआ। लकड़ी का पुल बहने से नदी पार से लोगों को पैदल सड़क तक आना पड़ रहा है। ग्रामीणों के दो टैक्सी वाहन भी वहां फंसे हुए हैं।
-रघुवीर सिंह दानू, ग्रामीण
सोराग गांव के लिए पैदल आवागमन के लिए वैकल्पिक पैदल पुल का निर्माण किया गया था। इसे बरसात के मौसम में हटा दिया जाता है। उसमें वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं है। रविवार को अधिक बरसात के चलते पुल बह गया है। नदी का जलस्तर अधिक है। वाहनों को निकालना असंभव है। जलस्तर कम होने के बाद वाहनों को निकालने के इंतजाम किए जाएंगे।
-अनिल सिंह रावत, एसडीएम कपकोट