बागेश्वर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के शिशु प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत जिले के बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल और गांव-गांव जाकर बच्चों को मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड के अनुसार टीके लगाकर प्रतिरक्षित कर रहे हैं। बीते वर्ष 2024-25 में 103.04 फीसदी शिशुओं को खसरा का टीका लगाया गया ।
जिला स्वास्थ्य विभाग शिशु प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत मिले लक्ष्यों के सापेक्ष बच्चों को टीका लगाने में सफल रहा है। कार्यक्रम के तहत विभाग को 3,256 बच्चों काे टीके लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके सापेक्ष 3,202 यानी 98.34 फीसदी बच्चों को पैंटावेलेंड का टीका लगाया गया और पोलियो से बचाने के लिए ड्रॉप पिलाई गई। टीबी से बचाने के लिए नवजात शिशुओं को अस्पताल में बीसीजी का टीका लगाया जाता है। बीते वित्तीय वर्ष में लक्ष्यों के सापेक्ष 3,304 यानी 101.47 बच्चों को बीसीजी और 3,355 बच्चों को खसरा का टीका लगाया गया।
गर्भावस्था पंजीकरण के दौरान महिलाओं को विभाग की ओर से प्रजनन और बाल स्वास्थ्य आईडी दी जा रही है। इससे एएनएम गर्भवती और नवजात शिशु के टीके पर नजर बनाए रहती हैं। एएनएम टीका लगाने के साथ टीके की जानकारी एमसीपी कार्ड पर अंकित करती हैं। सीएमओ डॉ. आदित्य कुमार तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से योजनाओं को गांव-गांव में पहुंचाया जा रहा है। बच्चों को समय से टीके लगाए जा रहे हैं।