बागेश्वर/कांडा/कपकोट। मानसून पूर्व बारिश में ही व्यवस्थाओं की पोल खुलने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई प्रभावित होने से लोगों को परेशानी हो रही है। बुधवार रात जिलेभर में हुई बारिश के दौरान जिला मुख्यालय समेत कांडा, कपकोट और दुगनाकुरी के 100 से अधिक गांवों की बिजली गुल रही। आपूर्ति बाधित रहने से 40 हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कपकोट के सरयू घाटी के सुडिंग, सलिंग, चौड़ा, हरकोट, रिखाड़ी, सूपी, खलझूनी, झूनी, मिखिला खलपट्टा, लाहुर, गांसी, सुमगड़ आदि गांवों में रात आठ बजे से बिजली गुल हो गई। फरसाली क्षेत्र के गुलेर, खर्क कानातोली, नरगड़ा, गुलम परगड़, भैसुडी कुटेर की बिजली भी पूरी रात गुल रही। ग्रामीण तारा सिंह राठौर, राजू टाकुली, दिनेश सिंह, मदन सिंह, देवेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही बिजली की दिक्कत होने लगी है। हर साल समस्या रहती है। विभाग ठोस समाधान नहीं खोज पा रहा है।
कांडा और दुगनाकुरी तहसील के गांवों को जोड़ने वाली बागेश्वर-विजयपुर लाइन में खराबी आने से करीब 85 गांवों की बिजली आपूर्ति गुल हो गई। बिजली नहीं होने से लोगों के मोबाइल बंद हो गए हैं। आटा चक्की आदि उद्योगों का कामकाज प्रभावित हो गया है। लोगों को गर्मी का भी सामना करना पड़ रहा है।
एसडीओ एसएस भंडारी ने बताया कि फरसाली पट्टी के गांवों में सुबह, सरयू घाटी और कांडा के गांवों में दोपहर को बिजली आपूर्ति सुचारू करा दी गई थी। विजयपुर से बनलेख के बीच फॉल्ट के कारण दुगनाकुरी के गांवों की बिजली बाधित है। जल्द मरम्मत कार्य पूर्ण कर आपूर्ति सुचारू करा दी जाएगी।
पोल गिरने से हुई दिक्कत
बागेश्वर। जिला मुख्यालय में ट्रामा सेंटर के पास बिजली का पोल रात करीब साढ़े सात बजे गिर गया। पोल टूटने से चंडिका वार्ड के दुग बाजार, भागीरथी, मंडलसेरा वार्ड के वनखोला, जीतनगर, मंडलसेरा और ठाकुरद्वारा वार्ड के पिंडारी रोड आदि क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। पूरी रात बिजली गुल रही। बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन आपूर्ति बाधित रही। एसडीओ आनंद सिंह खोलिया ने बताया कि रात को ढाई बजे तक पोल बदलने का कार्य किया गया। सुबह से तार कसना शुरू कर दिया गया। शाम को आपूर्ति सुचारू करा दी गई।