बागेश्वर। बागेश्वर जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में कराह रहा है। पिछले आठ महिने से यहां नाक, कान और गले का इलाज बंद चल रहा है। लोग मजबूरी में हल्द्वानी और अल्मोड़ा की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके लोगों का दर्द किसी को नहीं दिख रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
जिला अस्पताल में नाक, कान और गले के रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्था के तौर पर टीएनएम से ईएनटी सर्जन डॉ. कल्पना जोशी की नियुक्ति की गई थी। उनके सितंबर माह से मातृत्व अवकाश पर जाने और दिसंबर माह में संस्था के साथ अनुबंध समाप्त होने के बाद से यहां नाक, कान, गले का इलाज नहीं हो रहा है। चिकित्सक के अभाव में एक सितंबर से ईएनटी कक्ष में ताला लटका हुआ है। हर रोज यहां आने वाले रोगी मायूस होकर या तो घर लौट जाते हैं या आपातकालीन कक्ष में दिखाकर अल्मोड़ा, हल्द्वानी रेफर हो जाते हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र नये ईएनटी सर्जन की नियुक्ति करने की मांग की है।
फिजिशियन कर रहे हैं उपचार
जिला अस्पताल में व्यवस्था के तौर पर कान, नाक और गले की आम समस्याओं वाले मरीजों का उपचार फिजीशियन कर रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. चंद्र मोहन सिंह भैसोड़ा ने बताया कि आम समस्याओं के लिए उपचार दिया जा रहा है, लेकिन कई समस्याओं के लिए विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है। संवाद
विभाग की ओर से ईएनटी सर्जन की नियुक्ति के लिए कई बार निदेशालय से पत्राचार किया गया है। आगामी बैठक में स्वास्थ्य मंत्री के सम्मुख चिकित्सक की तैनाती की मांग रखी जाएगी।
डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर