बागेश्वर। जिले में बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसल और सड़कों को नुकसान हो रहा है। जिले में बारिश से कत्यूर घाटी क्षेत्र में खेतों में तैयार गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कपकोट तहसील के काफलीकमेड़ा सड़क पर यातायात बाधित हो गया है।
जिले में शनिवार शाम से बारिश का दौर जारी है। रविवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे। दोपहर दो बजे से जिले के कपकोट, गरुड़, कांडा और काफलीगैर क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। लगातार बारिश से जिले में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। गरुड़ क्षेत्र में बीते दो दिनों से दिन से लगातार हो रही बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है। बारिश से खेतों में कटी फसल काली पड़ रही है।
कुछ जगहों में ओलावृष्टि होने से गेहूं खेतों में ही गिर गया। क्षेत्र के राजसेरा, गढ़सेर, देवनाई घाटी, सीमार गागरीगोल, कज्यूली, पांसतोली, पिंगलो, भिलकोट क्षेत्र में गेहूं की अच्छी पैदावार होती है। बारिश होने से फसल समेटने का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान महेश सिंह, कैलाश सिंह, रतन सिंह, कमला देवी, पुष्पा देवी, मुन्नी देवी ने बताया कि खेतों में फसल को बारिश से नुकसान हो रहा है। तहसीलदार निशा रानी ने बताया कि किसानों से फसल को नुकसान की सूचना नहीं प्राप्त हुई है। सूचना मिलने के बाद आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
इधर कपकोट क्षेत्र में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल और पेड़ों पर लगे फलों को नुकसान पहुंचा है। रविवार को सरयू घाटी और पिंडर घाटी के पेठी, काफलीकमेड़ा, कर्मी, बघर, चौड़ा, दोबाड़, हरकोट गावों में काश्तकारों की पकी हुई फसल बर्बाद हो गई। पेठी के ग्राम प्रशासक तारा सिंह देवली ने बताया कि गांव में ओलावृष्टि से काश्तकारों की बागवानी और फल सब्जी को नुकसान हो गया है। उन्होंने शासन प्रशासन से ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिलवाने की गुहार लगाई। बारिश से काफलीकमेड़ा गांव को जोड़ने वाली सड़क में मलबा आने से यातायात बंद हो गया है। पीएमजीएसवाई ने सड़क पर मशीन भेजकर सड़क खुलवाने का कार्य शुरू कर दिया है। पीएमजीएसवाई के ईई अंबरीश रावत ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सड़क खोलने में समस्या आ रही है। जल्द सड़क को यातायात के लिए खेल दिया जाएगा।