बागेश्वर। नगर क्षेत्र में स्थायी टैक्सी स्टैंड नहीं होने से टैक्सी संचालक अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर सवारियां बिठाने के लिए मजबूर हैं। सड़कों के किनारे टैक्सी वाहनों के खड़े होने से जाम लग रहा है। लंबे समय से टैक्सी चालक और स्थानीय लोग टैक्सी स्टैंड का निर्माण करने की मांग कर रहे हैं। इसके निर्माण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
वर्ष 1997 में बागेश्वर जिले का गठन हुआ था। नए जिले के गठन से लोगों में खुशी का माहौल था। लोगों का मानना था कि जिला बनने के बाद यहां सुविधाओं में विस्तार होगा। 27 वर्ष बीतने के बाद भी नगर क्षेत्र में एक भी स्थायी टैक्सी स्टैंड का निर्माण नहीं हो पाया है। ग्रामीण क्षेत्रों से नगर में आने वाले और नगर से बाहर जाने वाले टैक्सी संचालकों को वाहन सड़क किनारे पार्क कर सवारी बिठानी पड़ती हैं। सड़क किनारे अस्थायी रूप से बने टैक्सी स्टैंड के आसपास से दिन भर वाहन आवाजाही करते हैं। सड़कों के संकरा होने से हर वक्त जाम लगा रहता है और पूरे नगर का यातायात प्रभावित होता है। टैक्सी स्टैंड नहीं होने से लोग वाहनों को सड़क किनारे पार्क करते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
अस्थायी टैक्सी स्टैंडों में नहीं है सुरक्षा की व्यवस्था
बागेश्वर। नगर पालिका अस्थायी टैक्सी स्टैंड में लगे वाहनों से हर रोज शुल्क वसूलती है। इन अस्थायी टैक्सी स्टैंडों में सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए हैं। अराजकतत्व रात के वक्त इन स्टैंडों में खड़े वाहनों में तोड़फोड़ कर देते हैं। टैक्सी स्वामियों और संचालकों ने इन स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की मांग की है। संवाद
इन स्थानों पर बने अस्थायी टैक्सी स्टैंड
गरुड़ रोड के लिए कोतवाली के पास, कांडा रोड के लिए कांडा रोड, ताकुला मार्ग के लिए गोमती पुल के पास, कपकोट रोड के लिए पिंडारी रोड, गिरेछीना मार्ग के लिए नदीगांव रोड पर अस्थायी टैक्सी स्टैंड बने हुए हैं। संवाद
नगर में टैक्सी स्टैंड के लिए जगह की कमी है। लंबे समय से जगह की तलाश की जा रही है। जगह उपलब्ध होने के बाद स्थायी पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।-मोहम्मद यामीन शेख, ईओ नगर पालिका