बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज असों में छात्राओं के बदहवास होने का सिलसिला जारी है। लगातार दूसरे दिन स्कूल में छात्राएं बदहवास होकर चीखने-चिल्लाने लगीं। तीन छात्राओं को 108 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय जाकर भी छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की और घर-घर जाकर भी बीमार छात्राओं की जांच की जाएगी।
बुधवार को राइंका में एक छात्रा अचानक बदहवास होकर चीखने चिल्लाने लगी। उसकी देखादेखी अन्य छात्राएं भी बदहवास होने लगीं। एक-एक कर दस छात्राएं बीमार हो गईं। शिक्षकों ने किसी तरह से छात्राओं को शांत कराया और उनके परिजनों को सूचना दी। परिजन बालिकाओं को घर लाए। विद्यालय खुलने के बाद फिर वही स्थिति बनी। पांच छात्राएं बदहवास होकर बेहोश होने लगीं और उन्हें जिला अस्पताल लाना पड़ा। एक छात्रा का मौके पर ही इलाज किया गया।
दूसरे दिन दोबारा बीमार हो गईं छात्राएं
बागेश्वर। बुधवार को बदहवास होने वाली छात्राएं ही बृहस्पतिवार को भी बीमार हो गईं। अमर उजाला की खबर पढ़ने के लिए प्रभारी सीएमओ डॉ. देवेश चौहान के निर्देश पर पीएचसी बोहाला के चिकित्सक डॉ. प्रमोद टम्टा पहले ही विद्यालय पहुंच गए थे। उनकी मौजूदगी में ही छात्राएं बीमार पड़ने लगीं। छात्राएं जोर-जोर से चिल्लाती जा रही थी। डाॅ. टम्टा ने बताया कि पहले दिन छह छात्राएं अधिक परेशान थीं। दूसरे दिन भी पांच छात्राएं बीमार हुईं। इनमें से तीन को लेकर वह अस्पताल पहुंचे जबकि बाकी छात्राओं के परिजनों ने अस्पताल भेजने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि सभी बीमार छात्राओं की घर-घर जाकर जांच और काउंसिलिंग की जाएगी।
पूर्व में भी आ चुके हैं ऐसे ही मामले
बागेश्वर। राइंका असों में जिस तरह मासहिस्टीरिया के मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे ही मामले पिछले साल जिले के तीन विद्यालयों में आ चुके हैं। जुलाई 2022 में राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल रैखोली में छह छात्राओं और एक छात्र, अगस्त 2022 में इंटर कॉलेज सनेती की आठ छात्राओं और दिसंबर 2022 में राइंका खाती की 15 छात्राओं को मासहिस्टीरिया की परेशानी झेलनी पड़ी थी। इनमें एक छात्रा का जिला अस्पताल में इलाज चला। बाकी की मौके पर जाकर काउंसिलिंग और इलाज किया गया था।
मासहिस्टीरिया का सामना कर रहीं तीन छात्राओं की जिला अस्पताल में काउंसिलिंग और इलाज किया जा रहा है। बाकी बीमार छात्राओं की घर पर जाकर जांच और काउंसिलिंग करने के निर्देश दे दिए हैं। विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
डॉ. देवेश चौहान, प्रभारी सीएमओ बागेश्वर।