बागेश्वर। कपकोट तहसील क्षेत्र का अंतिम गांव बोरबलड़ा अब तक वाहन सुविधा से वंचित है। गांव के लिए 25 किमी लंबी सड़क का कटान पूरा हो चुका है लेकिन मलबा गिरने से पैदल रास्ते भी टूट चुके हैं। इसके चलते ग्रामीण पैदल चलने के लिए मजबूर हैं।
बोरबलड़ा गांव के लिए वर्ष 2018 में बदियाकोट से मोटर मार्ग का कार्य शुरू हुआ। 17 किमी कटान होने के बाद विवाद के चलते काम बंद हो गया। इस साल विवाद सुलझने के बाद बाकी हिस्से का कटान भी हो गया है, लेकिन वर्तमान में भूस्खलन से कई जगह सड़क बंद है। बदियाकोट से करीब 13 किमी पर भूस्खलन हुआ है जिसके आगे भी एक-दो स्थान सड़क क्षतिग्रस्त है।
ग्रामीण हरीश दानू, अर्जुन सिंह, प्रवीण सिंह, जगत सिंह, नरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि कई जगहों पर मलबा गिरने से पैदल रास्तों का नामोनिशान तक मिट गया है। उन्होंने जल्द सड़क का निर्माण पूरा कर गांव तक गाड़ी ले जाने का इंतजाम करने की मांग की है।
बोरबलड़ा गांव तक सड़क कटान काम पूरा हो गया है। भूस्खलन से बंद सड़क को खोलने के लिए जेसीबी भेजी है। विगत दिनों बारिश के चलते काम नहीं हो सका। एक सप्ताह के भीतर सभी स्थानों पर मलबा हटा दिया जाएगा। - अंबरीश रावत, ईई, पीएमजीएसवाई