बागेश्वर। नगर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का सपना आज भी फाइल से आगे नहीं बढ़ा है। हालांकि नगर वासियों को उम्मीद है कि जल्द इस पर कार्यवाही होगी। 2017 में इसके लिए 49 करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन में भेजी गई थी। इस वर्ष पेयजल निर्माण निगम ने करीब एक अरब 45 करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन में भेजी है।
करीब 40000 आबादी वाले बागेश्वर नगर को जिला बनने के 26 साल और राज्य बनने के 23 साल बाद भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की सुविधा नहीं मिल सकी है। सूबे के दो-दो मुख्यमंत्री सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की घोषणा कर चुके हैं। हालांकि हर चुनाव में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट क्षेत्र का प्रमुख मुद्दा रहता है। प्लांट न होने के चलते सीवर से भूजल के साथ-साथ सरयू तक गंदगी पहुंच रही है।
चार साल में 96 करोड़ बढ़ गई डीपीआर
बागेश्वर। वर्ष 2017 में तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बागेश्वर नगर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की घोषणा की थी। तब 49 करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी लेकिन मंजूरी नहीं मिली। चार सितंबर 2022 को वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी देने की घोषणा की। उसके अनुरूप 2023 की शुरूआत में पेयजल निर्माण निगम ने एक अरब 45 करोड़ लागत की डीपीआर शासन को भेजी है।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर शासन को भेजी गई है। यह सीएम घोषणा में शामिल है। डीपीआर को मंजूरी दिलाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
अनुराधा पाल डीएम/प्रशासक बागेश्वर नगरपालिका