बागेश्वर। कांडा के सुदूरवर्ती गांवों के बुजुर्गों को छह महीने से बुढ़ापा पेंशन नहीं मिल सकी है जबकि यह हर तीन महीने में मिलनी चाहिए। पेंशन के लिए बुजुर्ग बैंक में आते-जाते परेशान हो गए हैं। समय पर पैसा जमा न करने पर दुकानदारों ने अब उन्हें उधार सामान देना भी बंद कर दिया है। लोगों ने समाज कल्याण विभाग से लाभार्थियों को शीघ्र पेंशन दिलाने की मांग है।
अन्यथा आंदोलन की चेेतावनी दी है। चंतोला, तुषरेड़ा, औलानी, ठांगा, ढानण, सिमायल, देवलेत, नरगोली, भंडारीगांव, पैठाण, पस्ट्यारी, अठपैसिया, कपूरी, खातीगांव, भैसूड़ी, सिमकूना, खाड़ी आदि गांवों के करीब 250 बुजुर्गों को छह महीने से पेंशन नहीं मिली है। 60 से 90 वर्ष तक के कई बुजुर्गों ने बताया गांव से तीन से चार किमी दूर खातीगांव स्थित मिनी बैंक के कई चक्कर काट दिए हैं, लेकिन बैंककर्मी खाते में पैसा जमा न होने की बात कह रहे हैं।
पैसा न होने से उनकी दैनिक उपयोग की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। दवाएं भी नहीं खरीद पा रहे हैं। राम सिंह, गोपाल सिंह, मनोहर सिंह, जोध सिंह, राधा देवी, कमला देवी, जमुना देवी, पुष्पा देवी आदि ने समाज कल्याण विभाग से पेंशन शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं समाज कल्याण अधिकारी पीबी सिंह ने बताया 12 अप्रैल तक लाभार्थियों के बैंक खाते में पेंशन की धनराशि पहुंच जाएगी।