बागेश्वर। देश की आजादी के 74 वर्ष और राज्य गठन के 21 वर्ष बाद भी जिले की पुंगर घाटी के लोगों को बैंकिंग सुविधा नहीं मिली है। बैंक की शाखा न होने से इलाके की करीब 20 हजार की आबादी बैंकिंग सुविधा के लिए 30 से 35 किमी की दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। कई आश्वासनों के बाद भी इलाके में राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा न खुलने को लोगों ने क्षेत्र की उपेक्षा बताया है।
पुंगर घाटी सैन्य बहुल क्षेत्र है। वहां सेवानिवृत्त सैनिकों की संख्या भी काफी है। पूर्व सैनिकों को ढलती उम्र में बैंकिंग सुविधा के लिए जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीक बालीघाट से नाघर (नारी) तक बैंक की कोई शाखा नहीं है। इलाके में सहकारी बैंक की शाखा खोलने का प्रस्ताव है लेकिन इसको अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है। बैंकिंग सुविधा न होने से पुंगर घाटी के चिड़ंग, करूली, चौरा, डुंगरी, छातीखेत, खोलियागांव, पपों, सताइस, दोफाड़, नाघर आदि ग्राम सभाओं के बाशिंदे परेशान हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा कालाकोटी, प्रधान महेश सिंह, भूतपूर्व सैनिक मनमोहन सिंह, जगदीश सिंह, दीवान सिंह, नरेंद्र रौतेला, कैप्टन खुशाल सिंह, मनोज धपोला, भूपाल सिंह, महेश राम, हिमांशु आदि ने कहा है कि कहा कि बैंकिंग सेवा के लिए कई बार आंदोलन किया जा चुका है। आजादी के 74 वर्ष और राज्य गठन के 21 वर्ष बाद भी बड़ी आबादी को बैंकिंग सेवा न मिलना चिंताजनक है। क्षेत्र के लोगों ने पुंगरघाटी में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलकर इलाके के लोगों की तकलीफ कम करने की मांग की है।