दोनों परिवारों ने कबीरपंथी विधि से विवाह करने का निर्णय लिया था। सल्ट से रविवार को दूल्हा पक्ष के 15 लोग सादगी से जारती गांव पहुंचे। विवाह की रस्म के दौरान संत रामपाल जी महाराज की मूर्ति के समक्ष गुरुवाणी का पाठ किया गया।
पंकज और निर्मला परमेश्वर कबीर साहेब और गुरु प्रतिमा को साक्षी मानकर विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। समाज के सामने एक नजीर पेश करने वाले इस विवाह में एक रुपये के दहेज का लेन-देन नहीं हुआ।
दूल्हा-दुल्हन ने सादे कपड़ों में विवाह की रस्म निभाई। दूल्हा पंकज भारतीय स्टेट बैंक की सल्ट शाखा में कार्यरत है वहीं दुल्हन निर्मला ग्राम्या बागेश्वर में कार्यरत है। जारती निवासी भूपेंद्र सिंह मेहता का कहना है कि इस विवाह से समाज को सीख लेनी चाहिए। आडंबर से बचना चाहिए।
इस अनुकरणीय विवाह के दुल्हन के पिता संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी भक्त हीरा मेहता, दुल्हन की मां भगतमती पुष्पा देवी, दूल्हे के पिता महेंद्र सुंदरियाल, भगत गोविंद सिंह, खुशाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, भीम सिंह, मोहनी देवी, हरुली देवी, दीप लोहनी (जिला कॉर्डिनेटर ग्राम्या) भगवती मेहता आदि साक्षी बने। गांव के लोगों ने इस विवाह को अनुकरणीय बताया।
कोरोना गाइड लाइन का भी किया पालन
इस अनोखे विवाह में कोरोना की गाइड लाइन का भी पालन किया गया। विवाह की रस्म के दौरान दूल्हा-दुल्हन के साथ ही सभी लोग मास्क पहने हुए थे।