अब चरस की तरह थिनर और व्हाइटनर बेचने पर भी एनडीपीएस एक्ट लगेगा। उच्चाधिकारियों से मिले निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन ने केमिस्टों और बुकसेलरों से प्रतिबंधित सामग्री को दुकानों से हटाकर तत्काल नष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि कई लोग व्हाइटनर, थिनर और डाइल्यूटर को नशे के रूप से प्रयोग कर रहे हैं। सूंघकर नशा करने की प्रवृत्ति स्कूली छात्रों में ज्यादा देखी गई है। हाल में अल्मोड़ा में एक छात्र की मौत के बाद हाईकोर्ट ने इस तरह की सामग्री बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इस तरह की सामग्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन ने बुकसेलरों और केमिस्टों से इस तरह की नशीली सामग्री को तत्काल नष्ट करने को कहा है। इस मामले में बुधवार को बागेश्वर कोतवाली में शहर के बुकसेलर और कैमिस्टों की बैठक में कोतवाल टीआर वर्मा ने बुकसेलरों से प्रतिबंधित किए गए व्हाइटनर, थिनर सहित अन्य सामान को न बेचने और जो सामग्री मौजूद है उसे नष्ट करने के निर्देश दिए। कोतवाल ने बताया कि केमिस्टों से पुराने आयोडेक्स को भी न बेचने को कहा गया है। निर्देशों का पालन कराने को लेकर पुलिस विभाग दुकानों में समय-समय पर छापामारी अभियान चलाया जाएगा। जो भी प्रतिबंधित नशीली सामग्री बेचते पकड़ा गया उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।