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दुगनाकुरी की समृद्ध संस्कृति का परिचायक है सनेती का नंदा-सुनंदा मेला: गढि़या

Thu, 04 Sep 2025 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। दुुगनाकुरी तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध नंदा सुनंदा मेला सनेती का विधिवत शुभारंभ हो गया है। महोत्सव के तीसरे दिन ग्रामीणों ने भव्य कलश यात्रा निकाली। मुख्य अतिथि विधायक सुरेश गढि़यया ने रिबन काटकर मेले का शुभारंभ किया।
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नंदा सुनंदा मंदिर सनेती में प्रत्येक तीसरे वर्ष में होने वाले चार दिवसीय मेले के पहले दिन खेलकूद और दूसरे दिन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रतियोगिता कराई गई। बृहस्पतिवार सुबह बाफिलागांव, ठाड़ाईजर, रैखोलागांव, कुरौली की कलशयात्रा मंदिर पहुंची।
दोपहर में नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापना की गई। मुख्य अतिथि विधायक गढि़या ने कहा कि सनेती मेला दुगनाकुरी की समृद्ध संस्कृति का परिचायक है।
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इस मौके पर मेला संरक्षक पूर्व मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, कुंदन रैखोला, धन सिंह बाफिला, अध्यक्ष रमेश बाफिला, कृष्णा भौर्याल, जगदीश बाफिला आदि मौजूद रहे। शुक्रवार की शाम मूर्ति विसर्जन के साथ मेला संपन्न होगा।


आर होती है मेले का मुख्य आकर्षण
सनेती मेले का मुख्य आकर्षण मंदिर में आने वाली विभिन्न गांवों की आर (आरती) होती हैं। शाम आठ बजे से किड़ई, महोली, बाफिलगांव, सुरकालीगांव, दियाली-कुरौली, सनगाड़, उडियार आदि गांवों की आर एक-एक कर पहुंचती है। मां को भोग लगाने के लिए अनाज भी लाया जाता है। जिस गांव की आर होती है, उसी गांव के लोग इसमें शामिल होते हैं। आरतियों के आने का सिलसिला शाम आठ बजे से रात को 12 बजे तक चलता है।
झोड़ा-चांचरी और सांस्कृतिक कार्यक्रम
एक ओर मंदिर में आरतियों के आने का सिलसिला चलता है, दूसरी तरफ मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहती है। मैदान के एक हिस्से में झोड़ा-चांचरी गायन चलता है। क्षेत्र के अलावा जिले के अन्य इलाकों से भी लोग मेले में भागीदारी करते हैं।
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