झिरौली गांव बागेश्वर की अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री में ऐसे हो रहा खड़िया का खनन।
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बागेश्वर। झिरौली, देवलधार के ग्रामीणों ने खड़िया फैक्ट्री अल्मोड़ा मैग्नेसाइट लिमिटेड के प्रबंधकों पर अनुसूचित जाति के ग्रामीणों पर अत्याचार और शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इसकी शिकायत की है। उन्होंने 13 सितंबर से खदान क्षेत्र झिरौली के टाइम ऑफिस में क्रमिक अनशन का एलान किया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ग्रामीणों के नाम पर दर्ज 155 नाली छह मुट्ठी भूमि पर भी अवैध खनन कर रहा है। खनन के कारण ग्रामीणों के लिए रास्ते नहीं बचे हैं। गांव के मंदिर जीर्णशीर्ण हो चुके हैं।
उन्होंने इस भूमि का उचित मुआवजा दिलाने और सभी परिवारों का पुनर्वास कराने की मांग की। कहा कि पूर्व में हुई बैठक में शासनादेश के मुताबिक स्थानीय ग्रामीणों को 70 प्रतिशत रोजगार देने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद कंपनी ने किसी भी ग्रामीण को स्थायी रोजगार नहीं दिया। प्रभावित परिवारों को सितारगंज में 1979 में एक एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। 1995 में इसे पूर्ण रूप से आवंटित किया गया लेकिन 25 परिवारों को उस भूमि का पट्टा नहीं दिया गया।
ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर खदान क्षेत्र झिरौली में क्रमिक अनशन का एलान किया। ज्ञापन में बहादुर राम, गोविंद राम, महेश चंद्र, कैलाश चंद्र, भवानी राम आदि ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।