पस्ट्यारी में नारेबाजी करते ग्रामीण।
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कांडा तहसील के सुदूरवर्ती पस्ट्यारी, धौलियापाटा और सैमपुर गांवों के लिए बनी पेयजल योजना का पाइप लाइन गत तीन दिन से टूटी हुई है। जिससे इस योजना से जुड़े गांवों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। गुस्साए ग्रामीणों ने पानी की आपूर्ति शीघ्र सुचारु करने की मांग को लेकर पस्टयारी गांव में जल संस्थान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने पानी की आपूर्ति जल्द न सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने कहा पस्ट्यारी, धौलियापाटा और सैमपुर के लिए बनी पेयजल योजना की पाइप लाइन तीन पहले टूट गई थी। पाइप लाइन टूटने से टंकी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे योजना से जुड़े 45 परिवार पेयजल समस्या से परेशान है। शिकायत के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्यवाई नहीं की जा रही है। योजना की देखरेख पर लगा चौकीदार भी कोई रुचि नहीं रख रहा है। ग्रामीण गदेरे का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
इससे गांव में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। पैठाण के प्रधान सुंदर बनाई ने कहा कि बरसात में तीन पाइप बह गए थे। तब ग्रामीणों ने चंदा करके नए पाइप लगाए तब भी जल संस्थान ने कोई सहयोग नहीं किया। ग्रामीणों ने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में दुर्गा राम, गोपाल राम, राजेश बनाई, महेश बनाई, महेश बनाई, दीपक राम, और संतोष राम आदि शामिल थे। जल संस्थान के जेई वीरेंद्र कुमार ने बताया उन्होंने योजना का मौका मुआयना कर लिया है। चौकीदार को पाइप और अन्य साधन देकर लाइन जल्द सुचारु करवाई जाएगी। ज्यादा काम होने पर शासन से बजट प्राप्ति के बाद काम शुरू करवाया जाएगा।
कांडा पड़ाव और आसपास के गांवों में भी चल रहा संकट
कांडा। (बागेश्वर)। कांडा पड़ाव की बाजार समेत इसके आसपास के गांवों में भी पानी का संकट बना हुआ है। नलों में पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति न आने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वजल से सात साल पहले बनी लाइन से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। नजदीक में पानी के अन्य स्रोत न होने से समस्या दोगुनी हो गई है। पड़ाव के स्टैंड पोस्ट भी लंबे समय से सूखे हुए हैं। ग्रामीणों और व्यापारियों ने ग्राम पंचायत से लाइन तुुरंत ठीक करवाने को कहा है। ग्राम प्रधान किशोरी लाल वर्मा ने कहा कि बजट मिलने से लाइन बेहतर बनवाई जाएगी। ब्यूरो
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