कांडा पड़ाव समेत क्षेत्र के कुल पांच गांवों में रह रहे लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनी लेक्सूना-बदरीनाथ पेयजल योजना गत दो साल से चरमराई हुई है। योजना से क्षेत्र को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। नारायणगूंठ की प्रधान ने जल संस्थान के ईई को ज्ञापन सौंपकर योजना शीघ्र ठीक करने की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
नारायणगूंठ की ग्राम प्रधान सविता नगरकोटी ने जल संस्थान के ईई को दिए ज्ञापन में कहा है कि लेक्सूना-बदरीनाथ पेयजल योजना से नारायणगूंठ, पंक्चौड़ा, भंडार और कांडा पड़ाव में रह रहे पांच हजार लोगों की प्यास बुझाने के लिए 40 वर्ष पूर्व बनी यह योजना चरमरा गई है। पानी की टंकी से रिसाव बंद नहीं होने से लाइन में पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है।
प्रधान ने बताया पानी की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को गधेरों के दूषित पानी का सहारा लेने को मजबूर हैं। जल संस्थान के जेई ने बताया योजना को दुरुस्त करने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव रखा गया है। बजट मिलने पर योजना को दुरुस्त कर दिया जाएगा।