बागेश्वर के कांडा क्षेत्र में धपोली के जंगल में लगी आग। संवाद
बागेश्वर। जिले में वनों के जलने का सिलसिला जारी है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के कई जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में वनाग्नि की सात बड़ी घटनाएं हुई हैं। हालांकि छिटपुट तौर पर रोजाना जंगल जल रहे हैं।
फरवरी से जून मध्य तक का समय फायर सीजन होता है। जिले में अब तक सात स्थानों पर जंगल जलने के मामलों में पांच हेक्टेयर भूभाग में वन संपदा जल चुकी है और 13,800 रुपये का नुकसान हुआ है। विभागीय आंकड़ों से इतर जंगल जलने के 20 से अधिक छोटे मामले सामने आ चुकेे हैं। जिनमें वन विभाग या फायर सर्विस ने तत्परता दिखाते हुए आग को समय रहते काबू कर लिया और बड़ा नुकसान होने से बचाया है।
शुक्रवार को कांडा और दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के धपोली, जाखनी और जारती के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को नुकसान हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि आग से चारा पत्ती, कीमती इमारती लकड़ियों और वन्य जीवों को नुकसान हो रहा है। इधर, रेंजर प्रदीप कांडपाल ने बताया कि वह चुनाव ड्यूटी में हैं। कर्मचारियों को वनाग्नि की घटनाओं पर निगरानी रखने और सूचना मिलते ही मौके पर जाकर आग बुझाने के निर्देश दिए गए हैं।