बागेश्वर। विद्युत वितरण खंड बागेश्वर में जेई की भारी कमी है। यूपीसीएल की ओर से लंबे समय से इन पदों को नहीं भरा गया है। इससे उपभोक्ताओं की समस्याएं समय पर नहीं सुलझ सकी हैं। एक जेई के भरोसे पूरे जिले की बिजली व्यवस्था चल रही है। ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति इससे दुष्प्रभावित हो रही है।
जिले में यूपीसीएल के दो उपखंड हैं। विद्युत वितरण खंड के 65 हजार उपभोक्ताओं पर मात्र एक जेई नियुक्त है। इस खंड में जेई के 10 पद स्वीकृत हैं लेकिन इनमें से नौ पद पिछले छह सालों से खाली हैं। ऐसे में लोगों को संकट से जूझना पड़ रहा है।
नए संयोजन, बिल संशोधन, विद्युत आपूर्ति संबंधी कार्यों के लिए उपभोक्ताओं को भटकना पड़ रहा है। निगम में तकनीशियन ग्रेड लाइन के 17, तकनीशियन ग्रेड लाइन विद्युत के 25, कार्यालय सहायक द्वितीय के छह, तृतीय के पांच, श्रमिक के 20 पद लंबे समय से खाली हैं। इन पर नियुक्ति की प्रक्रिया फिलहाल नहीं हो सकी है।
अवर अभियंता के कार्य
निर्माण कार्यों का आगणन तैयार करना, नई बिजली लाइनों का निर्माण कार्य ठेकेदार के माध्यम से करवाना, समय पर बिलिंग, बिलों का वितरण, उपभोक्ता शिकायतों का निवारण और बकाया वसूली करवाना आदि अवर अभियंता के मुख्य कार्य होते हैं।
करीब छह साल से जेई के नौ पद खाली हैं। एक जेई दोनों उपखंडों को देख रहे हैं। इससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऊर्जा मुख्यालय को इसके बारे में अवगत कराया जा चुका है। फिलहाल किसी जेई की नई नियुक्ति नहीं हो सकी है।
- भास्कर पांडेय, ईई, यूपीसीएल बागेश्वर।