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बच्चों पर झपटा तेंदुआ, भगदड़ में एक बच्चे की मौत 

Sat, 10 Nov 2018 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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बागेश्वर में तेंदुए के हमले में छात्र की मौत के बाद जिला अस्पताल पहुंचे विधायक और एसडीएम का घेराव करते क्षेत्रवासी। - फोटो : अमर उजाला
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द्यांगण गांव में तेंदुआ स्कूली बच्चों पर झपट पड़ा। बचने के फेर में बच्चों में भगदड़ मच गई। इस बीच 50 मीटर गहरे गधेरे में गिरकर 15 साल के एक छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बच्चे की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुुए जिला अस्पताल में जोरदार हंगामा किया।
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उन्होंने विधायक और एसडीएम को भी घेर लिया। भड़के ग्रामीणों ने तेंदुए को आदमखोर घोषित करने तक पंचनामा भरने और शव उठाने से इंकार कर दिया। विरोध स्वरूप देर रात तक परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल में डटे रहे।  

शुक्रवार शाम पांच बजे द्यांगण गांव में कुछ स्कूली बच्चे खेल रहे थे। तभी एक मकान के पीछे झाड़ियों में घात लगाया तेंदुआ नजर आया। इसी मकान के बराबर में ही पिछले दिनों आदमखोर एक आंगन से पांच साल के मासूम को उठा ले गया था। तेंदुए को देखते ही बच्चे डरकर भागने लगे। इस बीच तेंदुए ने भागते बच्चों के झुंड पर झपटने की कोशिश भी की।
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बदहवासी में भागते वक्त हेमंत टंगड़िया (15) पुत्र कमल सिंह 50 मीटर गहरे गधेरे में गिर पड़ा। दुर्घटना में हेमंत की मौकेे पर ही मौत हो गई। इधर, गिरते-पड़ते घर पहुंचे बच्चों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद अचेत और लहूलुहान हेमंत को जिला अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस बीच घटना की सूचना पर विधायक चंदन राम दास और एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। भड़के परिजन और ग्रामीणों ने दोनों को घेर लिया। उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने पंचनामा भरने से ही इंकार कर दिया और तेंदुए को अविलंब आदमखोर घोषित कर मार गिराने की मांग की।

इसको लेकर देर रात तक जिला अस्पताल में विरोध प्रदर्शन चलता रहा। भड़केे लोगों को समझाने की विधायक और एसडीएम की तमाम कोशिश नाकाम रही। परिजनों और ग्रामीणों ने आदमखोर को मार गिराने तक शव न उठाने की चेेतावनी दी है। इससे प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए हैं। 

बचपन में ही उठ गया था मां का आंचल, संबंधी के घर हो रही थी परवरिश 
मृतक हेमंत मूल रूप से अमसरकोट क्षेत्र के बोरगांव का निवासी था। बचपन में ही उसके सिर से मां का आंचल उठ गया था। मां जन्म देने के बाद गुजर गई थीं। पिता ने दूसरी शादी कर ली। उसकी यहां द्यांगण गांव निवासी संबंधी गंगा देवी के घर में परवरिश हो रही थी।

हेमंत महज एक माह का था, जब यहां अपने पिता की बुआ गंगा देवी के घर परवरिश के लिए लाया गया था। वह जूनियर हाईस्कूल बहुली में कक्षा 10वीं का छात्र था।  

हेमंत गंगा देवी को आमा जबकि उनके बेटे ललित मेहता को पिताजी कहकर बुलाया करता था। संबंधी ललित मेहता का कहना है कि उन्होंने बेटे की तरह हेमंत की परवरिश की लेकिन तेंदुए के आतंक और वन विभाग की नाकामी ने उसकी जान ले ली। 

एक घंटे से मंडरा रहा था तेंदुआ, वन कर्मियों ने की अनसुनी 
द्यांगण गांव में शुक्रवार शाम एक घंटे से तेंदुआ मंडरा रहा था। कई ग्रामीणों ने तेंदुए को गांव में देखा था। मोबाइल फोन पर इसकी सूचना वन विभाग के कई कर्मियों को दी गई लेकिन किसी ने भी मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। अगर वन कर्मी तुरंत एक्शन में आते तो शायद आज हेमंत सबके बीच होता।

घटना के बाद देर शाम गांव के बाशिंदों ने बताया कि कई लोगों ने तेंदुए को देखा। बार-बार फोन पर सूचना दी लेकिन घटना के बाद भी कोई वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। 

विधायक ने फिर दी इस्तीफे की चेतावनी 
भड़के ग्रामीणों के घेराव के बीच क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास का पारा चढ़ गया। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन पर नाकामी का आरोप लगाते हुए विधायकी से इस्तीफा देने की चेतावनी दे डाली। शुक्रवार देर शाम तेंदुए के आतंक और लगातार मौतों पर नाराज विधायक परिजनों और ग्रामीणों से बोले, ‘आदमखोर को मारो, मैं साथ हूं’।

जिम्मेदार विभाग और अधिकारी कुछ नहीं कर सकते तो वह जनता के साथ मिलकर आदमखोरों को मारेंगे। इधर, इस्तीफा देने की चेतावनी और आदमखोर को मारने के बयान के बाद सरकारी मशीनरी में हलचल मच गई है। विधायक ने जल्द आदमखोर से निजात न मिलने पर क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर हथियार उठाने की चेतावनी दी है।

बता दें कि दिवाली के त्योहार के बीच आदमखोर के हमले के चलते बच्चे की मौत की यह दूसरी घटना है। मंगलवार को ही आदमखोर पांच साल के एक बालक को मौत के घाट उतार चुका है।  

आदमखोर घोषित हुआ तेंदुआ, जल्द आएंगे शिकारी 
द्यांगण के हमलावर तेंदुए को आदमखोर घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही आतंक से निजात पाने का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही शिकारी लखपत तेंदुए को मार गिराने के लिए यहां पहुंच जाएंगे। शुक्रवार रात जिला अस्पताल में परिजनों और क्षेत्रवासियों के विरोध प्रदर्शन के बीच विधायक चंदन राम दास ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने तेंदुए को आदमखोर घोषित कर दिया है। इसके साथ ही ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने या फिर मार गिराने के आदेश जारी हो गए हैं। बताया कि शनिवार को शिकारी लखपत के भी पहुंचने की उम्मीद है। जल्द ही आमदखोर को ढेर कर दिया जाएगा। डीएफओ आरके सिंह ने भी आदमखोर घोषित होने की पुष्टि की। बताया कि आदमखोर से निपटने की रणनीति बनाई जा रही है। इधर, वन कर्मियों ने देर रात प्रभावित इलाके में गश्त की। 
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