जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से यहां राजकीय पालीटेक्निक में नशे के खिलाफ जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला जज डॉ. जीके शर्मा ने युवाओं से आत्म संयम के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला जज ने युवाओं से व्यवहार और दिनचर्या में अनुशासन रखने की सलाह दी। उन्होंने खानपान में संयम बरतने के साथ ही नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
जिला जज ने कहा कि छात्रों के विकास के लिए शिक्षण संस्थानों में अनुशासन युक्त सकारात्मक वातावरण होना चाहिए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणि राय ने नशे से होने वाले रोगों के बारे में बताया।
उन्होंने सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों की भी जानकारी दी। सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश कुमार सिंह ने नशे की लत में पड़े लोगों को चिन्हित करके उन्हें उपचार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने पर जोर दिया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. बीके सक्सेना ने नशे के दुष्प्रभाव, लक्षण और उपचार की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने कहा कि पिता की जाति ही बच्चे की जाति होती है।
सवर्ण पुरुष से एससी महिला विवाह करे तो उससे जन्म लेने वाला बच्चा आरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकता। इस मौके पर सीओ धनी राम, एसडीएम रेखा कोहली, बीवी सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय सहित कई लोग उपस्थित थे।